उत्तराखंड मे 4 नवंबर को पीएम का दौरा, कांग्रेस ने भी बनाई ये रणनीति…

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देहरादून: कांग्रेस की बेचैनी एक बार फिर बढ़ गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिसंबर में चार तारीख को देहरादून दौरा तय हो गया है। लगातार तीसरे महीने होने जा रहे इस तीसरे दौरे से कांग्रेस में खलबली है। पार्टी को अंदेशा है कि चुनावी बेला में मोदी आम जन को लुभाने के लिए राज्य के लिए बड़ी घोषणाओं का दांव चल सकते हैं। इसकी काट के लिए पार्टी वैकल्पिक रणनीति बनाने में जुटी हुई है। 2022 के विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। 2017 के चुनाव में बुरी पराजय झेल चुकी कांग्रेस अब करो या मरो की तर्ज पर अगले चुनाव को ले रही है। चुनाव प्रचार की आक्रामक रणनीति का आगाज किया जा चुका है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर विधानसभा क्षेत्रवार पर्यवेक्षकों की टोलियां टोह लेने से लेकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम कर रही हैं। पूरी ताकत झोंक रही कांग्रेस की मुश्किलें प्रधानमंत्री मोदी के दौरे से फिर बढऩे वाली हैं।

डबल इंजन के दम ने बढ़ाई चिंता

दरअसल कांग्रेस यह बात साफतौर पर महसूस कर रही है कि चुनाव में उसका मुकाबला भाजपा से ज्यादा उसके ब्रांड मोदी से होना है। केंद्र सरकार के राज्य में आधारभूत संरचना और कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मोदी केंद्र सरकार के काम को डबल इंजन के दम के तौर पर प्रस्तुत करते रहे हैं। दीपावली से एक दिन बाद केदारनाथ दौरे में उन्होंने पहाड़ का पानी और जवानी उसके काम आने की अवधारणा पर आगे बढ़ने के संकेत देकर कांग्रेस के खेमे की चिंता बढ़ा दी थी।

मोदी के चुनावी मोड में आने को सताने लगा खतरा

पार्टी को एक बार फिर यह अंदेशा सता रहा है कि मोदी देहरादून में चार दिसंबर को अपनी चुनावी जनसभा में बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। उत्तराखंड में मोदी का इस चुनावी मोड को कांग्रेस खतरे के तौर पर ले रही है। पार्टी के नेताओं ने मोदी के दौरे से पहले ही उन्हें निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। साथ में संभावित घोषणाओं को चुनावी जुमले करार देने की होड़ पार्टी नेताओं में अभी से लग गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बड़ी घोषणाओं के मुगालते में भाजपा को नहीं रहना चाहिए। अतीत में अंधेरे में तीर चल चुका है। अब आगे नहीं चलने वाला।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, प्रधानमंत्री राजनीतिक यात्री हैं। उत्तराखंड में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। रसोई गैस सिलिंडर, सब्जियों, दालों, खाद्य तेलों की कीमत आसमान छू रही है। प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि अच्छे दिन लाने के वायदे का क्या हुआ। जनता उनसे जवाब चाहती है। प्रदेश की जनता जानती है कि उसका हित किसके साथ जुड़ा हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब आकर घोषणा करेंगे तो बात बनने वाली नहीं है। अक्टूबर माह में आई आपदा में राज्य में बड़ा जानमाल का नुकसान हुआ। आपदा के बाद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों उत्तराखंड आए, लेकिन उन्होंने किसी पैकेज की घोषणा नहीं की। अब चुनाव सिर पर हैं और बाजी उनके हाथ से निकल चुकी है तो अब वे छटपटा रहे हैं।