ओमीक्रॉन को भारत में आने से कैसे रोका जाए? गृह मंत्रालय ने की इमर्जेंसी बैठक, लिए गए ये अहम फैसले…

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ ओमीक्रॉन’ के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी की ओर से स्थिति की समीक्षा किए जाने के बाद केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में रविवार को आपात बैठक बुलाई गई। गृह सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘ओमीक्रॉन’ स्वरूप के मद्देनजर वैश्विक स्थिति की समीक्षा की गई, बचाव उपायों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विशेष रूप से ‘जोखिम’ श्रेणी के रूप में पहचाने गए देशों से आने वालों की जांच, निगरानी पर एसओपी की समीक्षा करेगी।  गृह मंत्रालय ने यह भी फैसला किया है कि कोविड-19 के स्वरूप के लिए जीनोम निगरानी को और मजबूत और तेज किया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि वैश्विक हालात को देखते हुए कमर्शल अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए तय तिथि की फिर समीक्षा की जाएगी। जांच प्रोटोकॉल की सख्त निगरानी के लिए हवाई अड्डे और समुद्री बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को संवेदनशील बनाया जाएगा। वहीं, देश के भीतर महामारी की उभरती स्थिति पर कड़ी नजर रखने का फैसला किया गया है।

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के चिंताजनक नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ को नियंत्रित करने के लिए दुनियाभर में यात्रा पाबंदियों को कड़ा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कई म्यूटेशन वाला यह वेरिएंट बेहद तेजी से फैलने और वैक्सीन को भी मात देने में सक्षम हो सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक अभी इसकी जांच कर रहे हैं और पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है।