उत्तराखंड मे विधानसभा  चुनाव से पहले 400 शिक्षकों के तबादलों की तैयारी…

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देहरादून: प्रदेश में कोविड की वजह से वर्तमान शिक्षा सत्र को शून्य सत्र घोषित किया गया है, यही वजह है कि इस बार शिक्षकों के अनिवार्य तबादले नहीं किए गए, लेकिन अब धारा 27 के तहत 400 से अधिक शिक्षकों के तबादलों की तैयारी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में इन तबादलों पर निर्णय होगा। प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों के लिए तबादला एक्ट बना है, लेकिन एक्ट बनने के बावजूद पिछले तीन साल से शून्य तबादला सत्र घोषित किया गया है। जिससे शिक्षकों के सुगम से दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों और दुर्गम से सुगम क्षेत्र के स्कूलों में अनिवार्य तबादले नहीं हो पा रहे हैं।


हालांकि इस दौरान गुपचुप तरीके से पूरे साल भर चहेते शिक्षकों को मनमानी जगहों पर तैनाती दी जाती रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अब धारा 27 के तहत चुनाव से पहले बेसिक के 309 और माध्यमिक के 100 शिक्षकों के तबादलों की तैयारी है। बीते सोमवार को इन तबादलों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक होनी थी, लेकिन विधायक हरबंस कपूर के निधन की वजह से बैठक को स्थगित कर दिया गया था। अब अगली बैठक में इन तबादलों पर निर्णय होना है।

450 आवेदनों पर नहीं हुआ कोई निर्णय 

शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल 450 शिक्षकों के धारा 27 के तहत तबादलों के लिए शासन को शिक्षकों के आवेदन भेजे थे, लेकिन शिक्षकों के इन आवेदनों पर अब तक निर्णय नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक इन शिक्षकों के आवेदनों को डंप कर दिया गया है।

तबादलों पर रोक है, लेकिन पूरे साल भर शिक्षकों के तबादले होते रहे। इससे तबादला एक्ट मजाक बनकर रह गया है।दिग्विजिय चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षका संघ 

 प्राथमिक और माध्यमिक के शिक्षकों के धारा 27 के तहत तबादलों के लिए आवेदन शासन को भेजे गए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में इन तबादलों पर निर्णय होगा।

बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक