ऋषिकेश सहित पांच शहरों में बनेगा बाईपास, गढ़वाल-कुमाऊं के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी 

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देहरादून: ऑल वेदर रोड परियोजना के शेष हिस्से में कार्य शुरू करने की इजाजत मिलने से उत्तराखंड के पांच शहरों में बाईपास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बाईपास बनने से न केवल स्थानीय लोगों को जाम से निजात मिलेगी बल्कि राज्य में आने वाले यात्रियों को भी बड़ी सुविधा मिल जाएगी। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत ऋषिकेश, जोशीमठ, चम्पावत, पिथौरागढ़ और लोहाघाट में सड़कों की स्थिति बेहद संकरी होने की वजह से बाईपास निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन इस मामले में पीआईएल होने की वजह से बाईपास निर्माण  खटाई में पड़ गया था। इस परियोजना के तहत जिन हिस्सों में निर्माण कार्यों पर रोक थी उनमें ऋषिकेश, जोशीमठ, चम्पावत, पिथौरागढ़ और लोहाघाट में बाईपास निर्माण पर रोक भी शामिल थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की इजाजत मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा। इससे गढ़वाल और कुमाऊं दोनों ही क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

यात्रा के दौरान भारी जाम की स्थिति 

ऋषिकेश और जोशीमठ में चारधाम यात्रा के दौरान भारी जाम की स्थिति रहती है। बाहर से आने वाले यात्रियों को इन दोनों ही शहरों में कई घंटों तक फंसना पड़ता था। इसके साथ ही राज्य में अब पर्यटक भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। गढ़वाल क्षेत्र में आने वाले हर पर्यटक को ऋषिकेश से होकर ही गुजरना पड़ता है। इस वजह से ऋषिकेश में हर दिन ही जाम की स्थिति बन रही थी। इससे लोगों को खासी परेशानी हो रही थी। लेकिन अब बाईपास बनने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिल जाएगी।

ऋषिकेश में बनेगा 17 किमी लम्बा बाईपास 

परियोजना के तहत ऋषिकेश में 17 किमी लम्बा बाईपास बनाया जाएगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग को शहर से बाहर कर देगा और फिर वाहन तेज गति से सड़क पर दौड़ पाएंगे। ऋषिकेश में वैसे भी बहुत पहले से बाईपास की मांग उठ रही थी। लेकिन अब इस परियोजना से लोगों की समस्या दूर हो जाएगी। इसी तरह जोशीमठ में पांच किमी लम्बा बाईपास बनाया जाएगा। जिससे बद्रीनाथ जाने वाले यात्री जाम से मिल जाएंगे। परियोजना के तहत चम्पावत में 13, पिथौरागढ़ में 10 और लोहाघाट में सात किमी बाईपास बन जाएगा। प्रमुख सचिव आरके सुधांशू ने बताया कि इन परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होगा।