अगर नहीं ढका फेस, हर दिन आ सकते हैं ओमिक्रॉन संक्रमण के 14 लाख केस, पढ़िये पूरी खबर… और समझिये कैसे ?

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नई दिल्ली: कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. यदि अब भी लोगों ने इसे गंभीरता से न लेते हुए मास्क जैसे उपायों से दूरी बनाए रखी तो हालात तेजी से खराब हो सकते हैं. इस बीच, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने आगाह करते हुए बताया कि अगर ब्रिटेन की तरह भारत में भी ओमिक्रॉन के विस्तार के मामले बढ़ते हैं तो यहां हर दिन 14 लाख संक्रमण के केस सामने आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि यूरोप के देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहे हैं. ऐसा तब हो रहा है जब वहां 80 फीसदी कम से कम आंशिक वैक्सीनेशन हो चुका है.

पढ़िये महामारी के नए चरण का अनुभव 

डॉ वीके पॉल ने ने शुक्रवार को बताया कि यूके में गुरुवार को 8 हजार के करीब केस आए, अगर उसको पॉपुलेशन के आधार पर लिया जाए तो यह भारत की जनसंख्या के हिसाब के 14 लाख मामले हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि यूरोप में COVID-19 महामारी के एक नए चरण का अनुभव किया जा रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत आंशिक टीकाकरण होने के बावजूद मामलों में भारी वृद्धि हुई है.

महाराष्ट्र में मिलें 40 केस

नीति आयोग के सदस्य डॉ पॉल ने कहा कि कुल मिलाकर स्थिति स्थिर है, लेकिन कुछ जिलों में संक्रमण दर बढ़ रही है और यदि आवश्यक हो तो प्रतिबंधात्मक उपायों को लागू किया जाना चाहिए. बता दें कि देश में ओमिक्रॉन की तेज होती रफ्तार के मद्देनजर केंद्र सरकार ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा और सामूहिक समारोहों से बचने की सलाह दी है.कर्नाटक में पहला मामला सामने आने के ठीक 15 दिन बाद 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या 111 हो गई है. महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 40 और दिल्ली में संक्रमितों की संख्या फिलहाल 22 है.

खतरनाक हैं उत्सवों के आयोजन

वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 20 दिनों से कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले 10,000 से कम हैं, लेकिन ओमिक्रॉन वैरिएंट और अन्य देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है. उधर, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि चूंकि कोरोना का नया वैरिएंट पूरे यूरोप और दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में बहुत तेजी से फैल रहा है, इसलिए गैर-जरूरी यात्रा और सामूहिक समारोहों से बचना चाहिए. साथ ही उत्सवों को बड़े स्तर पर आयोजित नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि पांच प्रतिशत से अधिक कोविड संक्रमण दर वाले जिलों को प्रतिबंधात्मक उपायों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है.