धोखे से गलत बैंक अकाउंट में पैसे हो गए ट्रांसफर?  ऐसे हो सकते हैं वापिस, जान लीजिये तरीका…

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न्यूज़ डेस्क: एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करना अब बहुत आसान हो गया है. डिजिटाइजेशन और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कदमों से अब आप चौबीसों घंटे पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. लेकिन कभी-कभार ऐसी समस्या जाती है जब आप गलती से पैसा किसी गलत अकाउंट में ट्रांसफर कर देते हैं. ऐसी स्थिति में आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऑनलाइन बैंकिंग सुविधाजनक और आसान तो है लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है. गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होने जाने पर घबराने की जरूरत नहीं है. आप कुछ प्रक्रिया को फॉलो कर अपने पैसा वापस पा सकते हैं.

क्या हैं आरबीआई के नियम?- आरबीआई के मुताबिक, भुगतान निर्देशों में सही इनपुट प्रदान करने की जिम्मेदारी, विशेष रूप से लाभार्थी खाता संख्या की जानकारी, प्रेषक या प्रवर्तक (Remitter/Originator) के पास है. किसी अकाउंट में पैसा भेजते वक्त लाभार्थी के नाम का भरना अनिवार्य है, लेकिन क्रेडिट या पैसा ट्रांसफर करने के लिए सही अकाउंट नंबर का होना सबसे ज्यादा जरूरी है. यह प्रक्रिया यह शाखाओं में होने वाले लेनदेन अनुरोधों और ऑनलाइन या इंटरनेट डिलीवरी चैनल के माध्यम से उत्पन्न होने वाले दोनों के लिए लागू है. पैसा ट्रांसफर करने वाले को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसने जो अकाउंट नंबर दर्ज किया है वह सही हो.

इसका मतलब यह है कि यह सुनिश्चित करने के लिए पैसे भेजने वाले की जिम्मेदारी है कि सही खाता नंबर दर्ज की गई है. लेकिन गलतियां तो हो ही जाती हैं. अगर आपने राशि को गलत खाते में ट्रांसफर कर दिया है और खाते का डिटेल अमान्य है, तो आपका पैसा अपने आप आपके खाते में वापस आ जाएगा.

क्या होगा अगर खाता नंबर वैलिड है और ट्रांसफर सफल हो गया?

बैंकों को ऑनलाइन/इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म और फंड ट्रांसफर रिक्वेस्ट फॉर्म में फंड ट्रांसफर स्क्रीन पर उपयुक्त डिस्क्लेमर लगाना चाहिए, जिसमें ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि क्रेडिट पूरी तरह से लाभार्थी की खाता संख्या की जानकारी के आधार पर किया जाएगा और इसके लिए लाभार्थी के नाम के विवरण का उपयोग नहीं किया जाएगा.

आरबीआई की अधिसूचना में आगे कहा गया है कि बैंकों से आम तौर पर खाते में क्रेडिट करने से पहले लाभार्थी के नाम और खाता नंबर की जानकारी का मिलान करने की अपेक्षा की जाती है.

इसलिए, अगर आप गलती से गलत बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, तो आप अक्टूबर 2010 से आरबीआई के दिशानिर्देशों की जानकारी देकर अपने बैंक से रिम्बर्समेंट का अनुरोध कर सकते हैं. हालांकि, यह लेन-देन को उलटने की अनुमति प्रदान करने के लिए प्राप्तकर्ता पर निर्भर करता है.

अपना पैसा कैसे वापस पाएं?

अगर रेमिटेंस करने के लिए जरूरी लाभार्थी डिटेल्स (जैसे MMID, मोबाइल नंबर) गलत हैं, तो लेनदेन के खारिज होने संभावना अधिक है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की वेबसाइट के मुताबिक, आप एक खाता नंबर का उपयोग करके पैसे भेज रहे हैं, तो उस खाता नंबर की जांच करें जिसमें आप फंड ट्रांसफर कर रहे हैं, क्योंकि पैसे केवल खाता नंबर के आधार पर जमा की जाएगी.

>> गलत ट्रांसफर के मामले में अपने बैंक को तुरंत सूचित करें कि आपने गलत लाभार्थी के खाते में पैसा ट्रांसफर किया है, कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें.

>> ट्रांजैक्शन की तारीख और समय के साथ-साथ अपना खाता नंबर और उस खाते को भी नोट कर लें, जिसमें गलती से फंड ट्रांसफर किया गया था. आपको बैंक ब्रांच भी जाना पड़ सकता है.

>> अपनी बैंक ब्रांच में जाएं, डिटेल के साथ गलत ट्रांसफर का एक लिखित आवेदन जमा करें. अगर आवश्यक हो तो स्क्रीनशॉट अटैच करें.

बैंक एक सुविधाकर्ता के रूप में कार्य करेगा और आपको बैंक और उस खाते की शाखा का डिटेल प्रदान करेगा जहां पैसे ट्रांसफर किया गया है. अगर यह उसी बैंक में है तो आप सीधे प्राप्तकर्ता से जांच कर सकते हैं और रिवर्सल के लिए कह सकते हैं.

अगर यह दूसरे बैंक में है तो प्राप्तकर्ता की ब्रांच में जाना और लिखित, ई-मेल कम्युनिकेशन और स्क्रीनशॉट के साथ उसी पर चर्चा करना बेहतर है. ऐसी परिस्थितियों में लाभार्थी की ब्रांच गलत लाभार्थी को कॉल कर सकती है और अनुरोध कर सकती है कि गलत क्रेडिट को रेमिटर को फिर से ट्रांसफर किया जाए.

कोई भी भुगतान करने से पहले लाभार्थी के खाता नंबर और आईएफएससी कोड (IFSC Code) को दोबारा जांचना महत्वपूर्ण है. यह गलत खाते में पैसे भेजने की किसी भी प्रकार की भूल से बचने में मदद कर सकता है.

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