नोट गिनने की 13 मशीनों ने 36 घंटे मे गिने नोट, कानपुर के परफ्यूम कारोबारी के घर से IT विभाग को मिली 175 करोड़ की नकदी

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कानपुर:  175  करोड़ रुपये की नगदी देख देख डायरेक्ट्रेट जनरल आफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) और आयकर निदेशालय जांच के अधिकारियों के भी पसीने छूट गए। हाल ये था कि नोट गिनने वाली मशीनें भी कम पड़ गईं और शुक्रवार को चार और मशीनें मंगानी पड़ीं। रकम रखने के लिए बक्से कम पड़ गए और रातोंरात 50 नए बक्से मंगवाए गए। रकम बढ़ती देख डीजीजीआई के वरिष्ठ अफसर भी अहमदाबाद से आ गए। सूत्रों के मुताबिक, नोटों की गिनती अभी भी जारी है। शहर के किदवई नगर स्थित आनंदपुरी में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के आवास से अब तक मिली रकम गिनने में 36 घंटे से ज्यादा लग गए। गुरुवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मालरोड शाखा से नोट गिनने वाली 9 मशीनें गई थीं। इस काम में 16 कर्मचारियों को लगाया गया था, लेकिन ये संख्या भी कम पड़ गई। शुक्रवार को सुबह चार और नोट काउंटिंग मशीनें मंगाई गईं। 11 कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई।

कानपुर और कन्नौज के बड़े परफ्यूम कारोबारियों में शुमार पीयूष जैन के घर से आयकल विभाग को अकूत खजाना मिला है. आयकर विभाग के सहयोग से डीजीआई (जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय) की टीम ने व्यवसायी के घर से 175 करोड़ की नकदी बरामद की है और बताया जा रहा है कि जांच अभी भी जारी है. क्योंकि आयकर विभाग को कई दस्तावेज मिले हैं. जिसके बाद आगे की जांच की जा रही है. वहीं पीयूष जैन के बेटों प्रत्यूष और प्रियांश जैन को हिरासत में लेकर टीमें कन्नौज गई हैं, जहां शुक्रवार को मकान की तलाशी ली गई है.

बताया जा रहा है कि पीयूष जैन गायब हैं. आयकर विभाग का दावा है कि यूपी में जीएसटी छापे में नकदी की यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है और ये यह रकम शिखर पान मसाला ग्रुप पर छापे के बाद बरामद की गई है. वहीं आयकर विभाग का दावा है कि पीयूष जैन के बारे में जानकारी वहां छापे के बाद मिली थी और इसके बाद इस मामले की जांच की गई और इसमें 175 करोड़ की नगदी बरामद की गई है. जानकारी के मुताबिक पीयूष जैन के घर पर अहमदाबाद जीएसटी इंटेलीजेंस विंग की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही.. वहीं टीमें पीयूष की तलाश में छापामारी कर रही हैं लेकिन उसकी लोकेशन कानपुर, कन्नौज और मुंबई में नहीं मिली है. जबकि दोनों बेटों प्रत्यूष और प्रियांश जैन को कानपुर के आनंदपुरी स्थित जैन के आवास से हिरासत में लिया गया है. आयकर विभाग का कहना है कि दोनों बेटों को आयकर विभाग कन्नौज में स्थित फैक्ट्री में ले गए और जहां नकदी, संपत्ति और दस्तावेजों की तलाश की गई है.

नोट गिनने के लिए मंगाई गई थी 13 मशीनें

जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने वहां पर बरामद पैसे को 80 पेटियों के जरिए भेजा और आनंदपुरी निवास से बरामद नोटों को गिनने के लिए स्टेट बैंक की ट्रांसपोर्ट नगर और मालरोड शाखा से 13 मशीनें मंगवाई गईं थी. जबकि राशि भरने के लिए 80 पेटियों को आर्डर दिए गए हैं र एक कंटेनर में यह राशि पुलिस और पीएसी की कड़ी सुरक्षा में स्टेट बैंक की माल रोड शाखा को भेजी गई थी.

ट्रांसपोर्टर के घर से मिले 1.1 करोड़ रुपए

आयकर विभाग लगातार जांच कर रही है और पीयूष जैन के घर से मिले सुराग के आधार पर जांच के दायरे में आए गणपति रोड कैरियर्स के मालिक प्रवीण जैन के घर और ऑफिस भी छापे मारे गए हैं. जहां से आयकर विभाग को 1.10 करोड़ रुपए नकद मिले हैं. सर्वोदय नगर स्थित डीजीआइ कार्यालय में 12 घंटे तक प्रवीण जैन के बयान दर्ज किए गए. प्रवीण के मुताबिक वह पीयूष जैन के करीबी रिश्तेदार हैं.

कन्नौज में एक और परफ्यूम व्यापारी पर आईटी विभाग का छापा

पीयूष जैन के अलावा आयकर विभाग की जीएसटी इंटेलीजेंस महानिदेशालय की टीम ने शुक्रवार को कन्नौज के होली मोहल्ला निवासी संदीप मिश्रा की फर्म पर भी छापा मारा. जानकारी के मुताबिक कानपुर में स्थित रावतपुर में संदीप की फर्म पर भी जांच की गई और संदीप मिश्रा के बारे में जानकारी मिली है कि वह पान मसाला और नमकीन बनाने वाली कंपनी को परफ्यूम कंपाउंड सप्लाई करते हैं.