हरीश रावत बोले – कभी- कभी दर्द बयां करना भी होता है फायदेमंद, सुनिये क्या बोले हरदा (VIDEO)

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देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि कभी-कभी दर्द जाहिर करना भी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कुछ सुधार की भी बात कही। हरीश रावत ने कहा कि अगर चुनाव जीतना है तो कुछ सुधार भी करने होंगे। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट की भाषा में भी कुछ बातें समझाईं। साथ ही कैप्टन अमरिंदर के ट्वीट का भी जवाब दिया। तो चलिए आपको दिखाते हैं हरीश रावत ने क्या कहा…

अमरिंदर को लग रहा है कांग्रेस छोड़ना उनकी गलती थी

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की शुभकामनाओं को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मुझे अब भी लगता है कि अमरिंदर सिंह को अब भी लग रहा है कि उनका कांग्रेस छोड़ना एक गलती थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मनीष तिवारी सिर्फ अपने मालिक (अमरिंदर) की आवाज का अनुसरण कर रहे हैं, जैसे उनके मालिक अपने मालिक का। हरीश रावत कैप्टन अमरिंदर के उस ट्वीट का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने लिखा था। आप जो बोते हैं वहीं काटते हैं। आपको आपके बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं।

देखिये वीडियो…

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों का फोकस इस बात पर है कि आखिर चुनाव कैसे जीता जाए। कांग्रेस भी पूरी कोशिशों में लगी है। हाल ही में कांग्रेस में आया सियासी भूचाल भले ही शांत हो गया हो, लेकिन इससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सतह पर आ गई। इन सबके बीच दिल्ली में पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी साफ किया कि कभी-कभी अपने दर्द को सबके सामने रख देना चाहिए। इससे कई फायदे होते हैं। चुनाव को लेकर हरीश रावत ने कई सुधारों की भी जरूरत बताई।

हरीश रावत के एक ट्वीट ने मचाई थी हलचल

दरअसल, लंबे समय से खुद को पार्टी का चुनावी चेहरा घोषित करने की मांग उठाते आ रहे है हरीश रावत की इस बात को कांग्रेस हाईकमान ने इसे अनसुना कर दिया। चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने की ही बात कही गई। हाल ही में कांग्रेस की प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडे ने इसे फिर दोहरा भी दिया। इससे रावत खेमा हाईकमान के रुख से संतुष्ट नहीं हुआ, जिसके बाद खुद हरीश रावत ने बुधवार को इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट से सबको निशाने पर ले लिया।