3 दिन तक होता रहा मुर्दे का इलाज, पैसा लूटता रहा अस्पताल ? परिजनों का रो –रोकर बुरा हाल…

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आजमगढ़: अक्षय कुमार की फेमस फिल्म ‘गब्बर इज बैक’ का एक हृदयविदारक दृश्य आपको याद ही होगा, जब एक प्राइवेट हॉस्पिटल में पैसा लूटने के नाम पर मुर्दे को भर्ती करके उसका इलाज किया जाता है. अब ऐसा ही कुछ मामला यूपी के आजमगढ़ में सामने आया है. यहां एक अस्पताल पर एक नवजात बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल वालों ने पैसे कमाने के चक्कर में उनके बच्चे को मौत के बाद भी 3 दिनों तक वेटिंलेटर पर रखा. जिसके बाद नवजात के परिजानों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

3 दिन पहले ही हो गई थी मौत

मामला आजमगढ़ के सिधारी थाने के एक अस्पताल का है, जहां कुंदीगढ़ मोहल्ले के रहने वाले संजय गौड़ की बहन ने एक बच्चे को जन्म दिया, जन्म लेने के बाद बच्चा रोया नहीं, तो परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे थे. वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देखते हुए दूसरे अस्पताल में ले जाने को कहा. इसके बाद परिजन अपने बच्चे को नगर के सिधारी थाना क्षेत्र के रैनबो हॉस्पिटल में लेकर गए थे. परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को वेंटिलेटर पर डाल दिया. साथ ही परिवार वालों का कहना है कि बच्चे की मौत 3 दिन पहले हो गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी. जब आज बच्चे को डिस्चार्ज करने को कहा तो अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि आपका बच्चा मर गया है.

अस्पताल प्रबंधक रखी अपनी बात 

इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया. मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा. मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया. वहीं इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि इस कंडीशन में कोई भी हो उसे वेंटिलेटर पर रखा जाता है. बच्चे की स्थिति को लेकर हर तरह के प्रयास किए जा रहे थे. साथ ही कहा भी गया था कि बच्चे को जहां दिखाना चाहते हैं दिखा लें. प्रबंधक ने कहा की सारी बातों को पहले से ही बच्चे के परिवार वालों को बता दी गई थी.

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