हल्द्वानी मे पीएम की रैली को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम, ड्रोन से होगी निगरानी…

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हल्द्वानी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 30 दिसम्बर को हल्द्वानी में हो रही चुनावी रैली को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की एसपीजी टीम के साथ बैठक हुई। इसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद टीम ने कार्यक्रम स्थल से लेकर हेलीपैड तक का निरीक्षण किया। पुलिस के आलाधिकारियों ने प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास की स्थिति का जायजा लेने और संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के लिए ड्रोन से निगरानी की। इसके अलावा हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

30 दिसम्बर को हल्द्वानी एमबी इंटर कॉलेज के सामने मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा होनी है। सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रहे इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम एसपीजी ने भी हल्द्वानी पहुंचते ही पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। कार्यक्रम स्थल के आसपास रहने वालों की जानकारी लेने के साथ ही दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं।

इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए तीन दिन पहले से ही ड्रोन कैमरे से भी निगरानी शुरू कर दी गई है। सोमवार को ड्रोन के जरिए कार्यक्रम स्थल के हर कोने का जायजा लिया गया। यही नहीं पार्किंग स्थलों के ऊपर भी ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। ड्रोन कैमरों से मिलने वाली लाइव फुटेज पर नजर रखने के लिए एसपी सिटी हरबंश सिंह और सीओ लालकुआं शांतनु पाराशर मौजूद रहे।

अपने घर की छत पर जाने के लिए लेनी होगी अनुमति

प्रधानमंत्री के आने वाले रूट प्लान के अनुसार पूरे मार्ग में पड़ने वाले बड़े-बड़े भवनों और पानी के टंकियों पर पुलिस के शार्प शूटर तैनात रहेंगे। दूरबीन से भीड़ और फ्लीट पर नजर रखेंगे। यहां तक की अपने घरों की छत पर जाने के लिए भी लोगों को पुलिस की अनुमति लेनी होगी। छत पर जाने से पहले पुलिस से चेकिंग करानी पड़ेगी।

वहीं घर में आने वाले मेहमानों की पुलिस को सूचना देनी होगी। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस ने आसपास के घरों की ड्रोन कैमरों से बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छतों में अगर कहीं पत्थर, लकड़ी आदि पाए जाते हैं तो उन्हें हटवाया जाएगा। इसके अलावा फ्लीट के दौरान छतों में खड़े रहने वालों को जांच के बाद ही खड़े होने की अनुमति दी जाएगी।