ओमिक्रोन का असर : नये साल पर उत्तराखंड आते हुए डर रहे सैलानी ! पढ़िये पूरी खबर…

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देहरादून: देश के साथ उत्तराखंड में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद कई प्रदेशों ने सख्ती बढ़ा दी है। कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू व नए साल के जश्न पर पाबंदी लग चुकी है। तीसरी लहर की आशंका व ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर है। इसका असर नए साल के पर्यटन कारोबारियों की तैयारी पर भी पड़ सकता है। उत्तराखंड में भी नए साल के लिए मसूरी, नैनीताल और हरिद्वार में होटल में कमरों और टैक्सी की बुकिंग रद्द होने लगी है।


होटल उद्योग पर ओमिक्रॉन का असर

मसूरी में होटल उद्योग पर ओमिक्रॉन का असर पड़ा है। शहर में कई होटलों की एडवांस बुकिंग रद्द हो गई है। मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि ओमिक्रॉन के चलते 15 फीसदी बुकिंग रद्द हुई है। उन्होंने कहा कि शहर में नए साल के लिए अभी तक 60 फीसदी ही बुकिंग आई है। वहीं शहर के पांच सितारा होटल नए साल के लिए पैक हो गए हैं।

रामनगर में 30 फीसदी बुकिंग रद्द

ओमिक्रॉन के तेजी से हो रहे प्रसार के कारण नैनीताल जिले के रामनगर में भी पर्यटकों के कदम ठिठक गए हैं। जिन पर्यटकों ने दस जनवरी तक रिजॉर्ट और होटलों में बुकिंग कराई थी, उनमें से कुछ बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं। अब तक 30 फीसदी बुकिंग रद्द हो चुकी है।इस साल नए वर्ष की पार्टियों की तैयारी चल रही थीं कि कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का प्रसार शुरू हो गया। रिजॉर्ट और होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिसिंह मान ने बताया कि क्रिसमस पर भी कई पर्यटकों ने बुकिंग रद्द कराई थी। जिन पर्यटकों ने नए साल के जश्न के लिए बुकिंग कराई थी अब वे भी बुकिंग रद्द करा रहे हैं। कोविड के कारण होटल कारोबारियों को 12 सौ करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा था। प्रदेश में सख्ती बढ़ती है तो इसका सीधा असर पर्यटन पर पड़ेगा। मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और धर्मनगरी हरिद्वार सहित राज्य के सभी पर्यटन स्थलों और हिल स्टेशनों में नए साल का जश्न मनाने के लिए हमेशा बड़ी तादाद में सैलानी आते हैं।