कांग्रेस मे फिर बढ़ेगी रार ? जब टिकट के लिए होंगे 1 परिवार से कई दावेदार, क्या कार्यकर्ताओं की मेहनत जाएगी बेकार ?

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देहरादून:  आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव  को लेकर बुधवार से दिल्ली में कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक हो रही है। इसमें उत्तराखंड के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होने पहुंचे हैं। इस बैठक से पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने  कहा कि मैं एक परिवार एक टिकट के फॉमूले के पक्ष में नहीं हूं। इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए।  दरअसल, पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से ये फैसला लिया गया था कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट मिलेगा। वहीं, उत्तराखंड के लिए पार्टी ने अभी तक इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मांग की है कि ये नियम हमारे राज्य लागू ना किया जाए। गोदियाल ने इस संबंध में तर्क भी दिए। उन्होंने कहा कि कई शीर्ष नेता अपने बेटा-बेटियों के लिए टिकट मांग रहे हैं और कई जगह वे जिताऊ स्थिति में हैं।

अगर कोई लोकप्रिय है तो टिकट दिया जाना चाहिए

गोदियाल का कहना था कि मैं एक परिवार एक टिकट के फॉर्मूले के पक्ष में नहीं हूं। अगर किसी नेता के परिवार में कोई सामाजिक-राजनैतिक तौर पर सक्रिय है, जनता में लोकप्रिय है और टिकट मिलने पर जीतने की संभावना है तो उसको टिकट दिया जाना चाहिए। इसके लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में मैं अपनी यही राय जोर-शोर से रखूंगा। गोदियाल ने कहा कि ऐसे मामले में विचार हो सकता है और ऐसा कोई नियम नहीं होगा कि कोई जन सेवा करे और एक परिवार से हो तो उसे टिकट नहीं मिले। अगर ऐसा कोई नियम बन रहा है या बना है तो इस पर विचार की जरूरत है।

ऐसे मे सवाल उठता है की अगर 1 परिवार से कई टिकटों का फार्मूला कांग्रेस उत्तराखंड मे लागू कर देती है तो जो कार्यकर्ता या नेता पिछले 5 सालों तक अपनी क्षेत्र की जनता की सेवा करता है और ये उम्मीद लगाता है की उसे पार्टी टिकट देगी तो उसकी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा। कहीं न कहीं आम कार्यकर्ता का पार्टी से मोह भंग हो सकता है। और फिर दलबदल वाली स्थिति पैदा हो जाएगी। अक्सर देखने मे आता है की पार्टी के कार्यकर्ता या नेता अपनी पार्टी को अलविदा कह दूसरी पार्टी का दमन थाम लेते हैं और उनके ऊपर दलबदलु का ठप्पा लग जाता है। लेकिन ऐसी स्थिति मे कोई कार्यकर्ता करे तो क्या करे किसी भी पार्टी के बड़े नेता चोर दरवाजे से टिकट लेकर बाहर आ जाते हैं और सामान्य कार्यकर्ता मुंह ताकता रह जाता।

हरीश रावत समेत ये नेता मांगे रहे बच्चों के लिए टिकट

उत्तराखंड में हरीश रावत अपने बेटे या बेटी के लिए, विधायक दल नेता प्रीतम सिंह अपने बेटे के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। इसी तरह कार्यकारी अध्यक्ष रंजीत रावत अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे हैं। हाल ही में बीजेपी से घर वापसी करने वाले विधायक यशपाल आर्य अपने विधायक बेटे के लिए दावेदारी कर रहे हैं। इंदिरा ह्रदयेश के बेटे मां के निधन के बाद टिकट मांग रहे हैं।