कुमाऊँ मे PM मोदी के दौरे से बढ़ गई कांग्रेस की टेंशन, अब होगा मोदी बनाम राहुल गांधी ?

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देहरादून: उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और इसके साथ ही पार्टी ने अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार दिया है. जिसके बाद कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ गई हैं. क्योंकि राज्य में अभी तक पार्टी राहुल गांधी की एक ही रैली करा सकी है. जबकि राज्य में प्रदेश स्तर के नेता ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी द्वारा बड़े नेताओं को मैदान में उतारे जाने के बाद कांग्रेस प्रचार के मामले में बैकफुट पर है. हालांकि कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि राज्य में स्थानीय नेतृत्व ही बीजेपी पर भारी पड़ रहा है.

उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी ने चुनाव की प्रचार अपने हाथ में ले ली है. पीएम मोदी की गुरुवार को हल्द्वानी में रैली थी. जबकि इससे पहले वह देहरादून में बड़ी रैली कर चुके हैं. जिसमें डेढ़ लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे. वहीं पीएम मोदी ने चुनाव समर में उतर कर कांग्रेस के सामने चुनौती पेश की है और उसकी मुश्किलें को बढ़ा दिया है. बीजेपी को इसका फायदा भी मिल रहा है. असल में हल्द्वानी में मोदी की रैली के बाद कांग्रेस पर जवाबी रैली का दबाव है. लिहाजा पार्टी अपने स्टार प्रचार राहुल गांधी की रैली को आयोजित करने की योजना बना रही है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी रुद्रपुर में चुनावी रैली कर सकते हैं. क्योंकि वहां पर कांग्रेस को इसका फायदा मिल सकता है. असल में उधमसिंह नगर में सिख मतदाता निर्णायक हैं और कांग्रेस को लगता है कि वहां पर रैली कर वह बड़ी भीड़ एकत्रित कर सकती है.

चार को पीएम मोदी तो 16 दिसंबर को राहुल गांधी ने की देहरादून में रैली

उत्तराखंड में लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. वहीं देहरादून के बाद पीएम मोदी ने हल्द्वानी में रैली की. पीएम मोदी ने चार दिसंबर को देहरादून में रैली की थी और इसके बाद कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 दिसंबर को रैली की. अब कहा जा रहा है कि राहुल गांधी जल्द ही कुमाऊं क्षेत्र में रैली कर सकते हैं. इसके लिए कांग्रेस प्लान तैयार कर रही है. वहीं कांग्रेस की समस्या ये है कि राज्य में उसके स्टार प्रचारक गायब हैं. हालांकि कांग्रेस राज्य के चुनाव में अभी भी गांधी परिवार की तरफ ही देख रही हैं. जबकि प्रियंका गांधी यूपी में व्यस्त हैं तो सोनिया गांधई का स्वास्थ्य खराब है. जबकि राहुल गांधी के जिम्मे सभी राज्यों में चुनाव प्रचार करना है.

मोदी लहर से बीजेपी 2017 में आयी थी सत्ता में

असल में कांग्रेस को चिंता है कि अगर राज्य में चुनाव कांग्रेस बनाम पीएम मोदी हो गया तो उसे सियासी तौर पर बड़ा नुकसान होगा. लिहाजा पार्टी इसे पीएम मोदी बनाम राहुल गांधी बनाने की योजना पर काम कर रही है. वहीं अगर बात 2017 के चुनाव की करें तो पीएम मोदी ने ही राज्य में चुनाव प्रचार किया था और अपने हाथ में कमान ली थी. जिसके कारण कांग्रेस महज 11 सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी.