अगर आप अपात्र हैं तो खुद ही निरस्त करा दें राशनकार्ड, वरना हो सकती है परेशानी, पढ़िये पूरी खबर…

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देहरादून:  महापौर सुनील उनियाल गामा ने जिला पूर्ति अधिकारी को अपात्र राशन कार्डधारकों को सूची से बाहर करने के निर्देश दिए है। साथ ही कहा कि सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में धांधली की शिकायत मिलने पर राशन डीलर का लाइसेंस रद किया जाए। जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा है कि अपात्र लोग खुद ही अपना राशनकार्ड निरस्त करवा दें, अन्यथा संवैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को नगर निगम के टाउन हाल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सतर्कता समिति की बैठक महापौर की अध्यक्षता में हुई। इसमें खाद्यान्न वितरण, राशन की दुकानों का आवंटन समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद पार्षदों ने महापौर से शिकायत की कि कई अपात्र व्यक्तियों के भी राशन कार्ड बना दिए गए हैं, जिससे पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। इस पर महापौर ने जिला पूर्ति अधिकारी को अपात्रों के राशनकार्ड निरस्त करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों के माध्यम से जिले में अभियान चलाया जाए।

जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि अपात्र राशन कार्डधारक स्वयं ही कार्ड को निरस्त करवा दें, अन्यथा विभाग की ओर से निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान पकड़े जाने पर राशन विक्रेता के साथ ही उपभोक्ता के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर अपात्र राशन कार्डधारकों की सूची तैयार कर ली जाएगी।

बैठक में नए साल में डिजिटल राशन कार्ड वितरित किए जाने को लेकर की गई तैयारी की समीक्षा भी की गई। इस अवसर पर राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत, पूर्ति निरीक्षक अजयपाल सिंह रावत, पायल पैन्यूली, प्रवेश कुमार, सुखबीर सिंह बुटोला, पार्षद सतीश कश्यप, विनोद कुमार, अंबिका गैरोला, पुनीत मेहता आदि मौजूद रहे।