सूत्र बताते हैं : हरक का कांग्रेस मे जाना तय, हरक को परिवार के लिये भी मिलेंगे 2 टिकट, बीजेपी विधायक दिलीप रावत की मुश्किलें भी घटेंगी ?

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देहरादून: जैसे-जैसे उत्तराखंड मे चुनाव करीब आ रहे हैं टिकट के लिये नेताओं की चाहत बढ़ती ही जा रही है। करीब – करीब उत्तराखंड के सभी वरिष्ठ नेताओं का मन चुनाव लड़ने का है अब कौन नेता कहाँ से चुनाव लड़ेगा इसका रोना नहीं है अब रोना ये हैं की कौन नेता किस पार्टी से चुनाव लड़ेगा। आपको बता दें उत्तराखंड की राजनीति में अब नया मोड़ आ गया है, दरअसल कांग्रेस से 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान खफा हुए हरक सिंह रावत बीजेपी में शामिल हो गए थे, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब उनकी घर वपसी लगभग कांग्रेस मे तय मानी जा रही है ।

अपने पुख्ता सूत्रों की माने तो हरक सिंह रावत जल्द कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। इस के लिए कांग्रेस हरक सिंह के लिए जमीन बनाने में लगी है। कोटद्वार से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हरक सिंह अब कांग्रेस के टिकट पर डोईवाला विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे यानि कांग्रेस के पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट ने पिछले 5 सालों से जो मेहनत करके डोईवाला मे अपने लिये जगह बनाई थी वो बेकार जाएगी ? सूत्रों की माने तो हरक सिंह रावत ने अपने परिवार के लिये भी 2 टिकटों की मांग की है जिस पर कांग्रेस का मंथन जारी है। पिछले कुछ समय से सामाजिक क्षेत्र में कार्य कर रही हरक सिंह रावत की पुत्र वधु अनुकृति गुसाई राजनीति में अपना भाग्य आजमाने के लिए कांग्रेस के टिकट पर लैंसडौन सीट से चुनाव लड़ने की मांग कर रही हैं। यानि अगर हमारे सूत्र पुख्ता हुए तो इसमे कोई दो राय नहीं की हरक सिंह रावत डोईवाला और उनकी पुत्रवधू लैंसडौन से बीजेपी विधायक दिलीप रावत के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी ।

आपको बता दें की दिलीप रावत और हरक सिंह रावत के बीच शुरू से ही 36 का आंकड़ा रहा है । पिछले कुछ वक्त से दिलीप रावत ने हरक सिंह रावत के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। और ये मोर्चा इसलिए खुला है क्योंकि दिलीप रावत को लगता है की हरक सिंह रावत ने उनके कहने पर कुछ अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने दे रहे हैं । दूसरे दिलीप रावत को ये भी शक है की कहीं हरक सिंह रावत को इस बार बीजेपी लैंसडौन  से टिकट न दे दे । गौरतलब है कि हरक सिंह रावत को लेकर भाजपा के विधायक दिलीप रावत ने अपनी नाराजगी भी पार्टी के सामने कई बार रखी लेकिन पार्टी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई और उसका कारण ये है की पार्टी पर हरक का दबाव कहीं न कहीं आड़े आ रहा है और वो दबाव हरक की पार्टी छोड़ने की धमकी है जिससे बीजेपी हरक से कुछ खुलकर नहीं कह रही है। और लगातार हरक सिंह रावत की बात ऊपर कर रही है।

अगर सूत्र पुख्ता निकले और हरक कांग्रेस मे शामिल हो गए तो बीजेपी मुंह ताकती रह जाएगी और जाहिर तौर पर इससे दिलीप रावत को नुकसान कम फायदा ज़्यादा पहुंचेगा क्यूंकी दिलीप रावत के लिये बीजेपी से लैंसडौन सीट सेफ हो जाएगी और हरक की पुत्रवधू (अनुकृति गुसाई) दिलीप रावत को टक्कर नहीं दे पाएँगी ।