उत्तराखंड के 2 जिलाधिकारियों को अल्पसंख्यक आयोग ने भेजा नोटिस, ये है कारण…

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देहरादून: उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग में विभिन्न मामलों की सुनवाई के दौरान कई अधिकारी उपस्थित नहीं हुए, जिससे आयोग ने नाराजगी जताई है। बौद्धमठ में महात्मा बुद्ध की प्रतिमा की गंगनहर में पुनर्स्थापना को लेकर प्रशासन की ओर से समय पर अनापत्ति पत्र उपलब्ध न कराने के प्रकरण में जिलाधिकारी हरिद्वार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग गंगनहर हरिद्वार, जबकि आठ महीने के बाद भी शिकायकर्त्ता जाहिदा बेगम को उनके पट्टे की जमीन के बदले दूसरी जगह जमीन उपलब्ध न करवाने पर जिलाधिकारी देहरादून, तहसीलदार कालसी को कारण बताओ नोटिस जारी के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को अल्पसंख्यक कल्याण भवन में आयोग के अध्यक्ष डा. आरके जैन की अध्यक्षता में 29 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। इसमें सात शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिकायतकर्त्ता जावेद हुसैन की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर कई महीने बाद भी जिला प्रशासन की ओर से रिपोर्ट उपलब्ध न कराने पर एसडीएम काशीपुर, हल्का राजस्व उपनिरीक्षक महेशपुरा ऊधमसिंह नगर, जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर को कारण बताओ नोटिस जारी के निर्देश दिए हैं। पेयजल निगम से सेवानिवृत्त हुए मोहम्मद इकराम के नोशनल प्रमोशन व उनके देयक न देने के मामले में आयोग ने उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग से कोई भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। इस पर आयोग ने निगम के प्रबंधक निदेशक का एक दिन का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।

वहीं, बुल्लावाला डोईवाला निवासी इशराना खातून ने अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय में कार्यरतपति मोहसिन की मृत्यु विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से होने की शिकायत की थी। उक्त प्रकरण पर आयोग ने अपर जिलाधिकारी देहरादून को उपस्थित होने के निर्देश दिए थे, लेकिन उपस्थित न होने और अधूरी रिपोर्ट भेजने पर आयोग ने स्पष्टीकरण तलब किया। हल्द्वानी निवासी सलीम सैफी के प्रकरण में आयोग ने नगर आयुक्त हल्द्वानी को कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी उपस्थित न होने पर एक दिन का वेतन रोकने, कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

दून की दीपलोक कालोनी निवासी शराफत हुसैन ने आयोग से शिकायत की थी कि उनके एक मामले में पुलिस विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसमें आयोग ने एसएसपी देहरादून को निर्देश दिए हैं कि मामले की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराएं। मेहताब, फातिमा, गयूर हसन ने आयोग से शिकायत की थी कि उर्दू शिक्षकों के रिक्त पदों पर शिक्षा विभाग विज्ञप्ति जारी नहीं कर रहा है। मामले में आयोग ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को ऊधमसिंह नगर में रिक्त नौ पदों पर भर्ती के संबंध में एक सप्ताह के भीतर स्वीकृति कराने के निर्देश दिए।