पंजाब चुनाव : डेरा सिरसा हुआ सक्रिय, भंडारे के बहाने शक्ति प्रदर्शन, बठिंडा में लगा 5 किमी लंबा जाम

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बठिंडा/पंजाब: विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही डेरा सच्चा सौदा सक्रिय हो गया है। डेरा सच्चा सौदा की तरफ से रविवार को पंजाब स्थित अपने हेडक्वार्टर डेरा सलाबतपुरा में नाम चर्चा का आयोजन किया गया है। यह नाम चर्चा डेरा सच्चा सौदा के दूसरे गुरु शाह सतनाम के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में की गई। इस दौरान भंडारा भी लगाया गया है। डेरा सिरसा द्वारा गांव सलाबतपुरा में किए जाने वाले भंडारे में लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। डेरे से पांच किलोमीटर तक पीछे जाम लगा हुआ है और लोग पैदल चलकर पहुंच रहे हैं। भंडारे में काफी संख्या में डेरा प्रेमी शामिल हुए हैं। इसमें डेरे के राजनीतिक विंग के सदस्य भी शामिल होने आए हैं। इस बहाने शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।

डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद पहली बार भंडारे का आयोजन

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की गिरफ्तारी के लंबे समय बाद पहली बार डेरे में भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि, नाम चर्चा पहले ही शुरू हो गई थी। पंजाब में करीब 300 डेरे हैं, लेकिन इनमें से करीब 10 डेरों के समर्थकों की संख्या लाखों में है। इनमें राधास्वामी ब्यास, सच्चा सौदा, निरंकारी, नामधारी, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, डेरा सचखंड बल्लां व डेरा बेगोवाल आदि डेरे शामिल हैं।

डेरा सिरसा पंजाब की कमेटी के चेयरमैन राम सिंह ने कहा कि गुरमीत राम रहीम सिंह काे प्रताड़ित किया जा रहा है। ऐसे मौके में हमें ध्यान रखना चाहिए कि कौन हमारे साथ है और कौन खिलाफ। हमें लोगों की पहचान करनी होगी। सेवा करने वालों पर कितने गंभीर आराेप लगाए जा रहे हैं। हमें अपने और बेगाने की पहचान करनी है। जो भी आपका साथ देता है उसके साथ प्रेम करना चाहिए और उसके साथ चलना चाहिए। जो हमसे बात ही नहीं करता, हमारे डेरे का नाम सही ढंग से नहीं लेना चाहता। हमें उनके बारे में थोड़ा विचार करना चाहिए। कोई कुछ भी कहे हमें एकता बनाकर रखनी है। जो काम आपको पहले बताए हुए हैं वह एकता के बिना नहीं हो सकते। इसलिए सभी एकता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि इस समय बुराई का बोलबाला है और अच्छा काम करने वालों के साथ धक्केशाही हो रही है फिर भी किसी की परवाह नहीं करते हुए सेवा करते रहना चाहिए।

पंजाब के मालवा में डेराें का खासा प्रभाव

अलग-अलग जिलों में इन डेरों का अच्छा खासा राजनीतिक प्रभाव है। दलों को लगता है कि चुनाव के वक्त अगर इन डेरों का समर्थन मिला तो अनुयायियों का बड़ा वोट बैंक हासिल हो सकता है। यहीं कराण है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से लेकर शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पिछले दिनों डेरा ब्यास व डेरा सचखंड बल्लां, जालंधर नतमस्तक होने पहुंचे थे। हालांकि, विवादों के कारण इस बार अभी तक कोई भी डेरा सच्चा सौदा नहीं पहुंचा है।

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