May 21, 2022 11:49 pm

युवतियां वाहन चालकों को फोन पर बोलती थी हम सब काम करा देंगे, लोग हो जाते थे ठगी का शिकार, अब पुलिस ने किया गिरफ्तार…

नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने काल सेंटर के मालिक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में युवतियां भी शामिल हैं। आरोपितों की पहचान केशव नगर के मोहम्मद रियाज, विजय नगर के किशन यादव, कड़ी विहार के मनोरथ, जहांगीरपुरी की पूजा, लवली शर्मा, माडल टाउन की नेहा कश्यप व राजपुरा की संगीता और बिहार के रोहताश जिले के नोखा थाना क्षेत्र के गोरधोआ गांव के अंकित कुमार के रूप में हुई है। आरोपितों के पास से आठ मोबाइल, लैपटाप व 12 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपित लोगों को सस्ती दरों पर कार बीमा पालिसी प्रदान करने के बहाने ठगते थे। आरोपितों का नेटवर्क दिल्ली तक ही सिमित नहीं था।आरोपित गुजरात, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों के कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।

उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि साइबर थाना पुलिस को ठगी के मामले में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। पीडि़त महिला ने शिकायत में बताया था कि उन्हें किसी लड़की का फोन आया था, जो खुद को कार बीमा कंपनी की एजेंट बता रही थी। उसने महिला को सस्ता कार बीमा देने के बहाने उससे 8500 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करवा लिए व उसे कार का नकली बीमा बनाकर दे दिया।

महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद एसएचओ विजेंद्र के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने जांच के दौरान उन खातों की डिटेल खंगाली गई जिनमें महिला से पैसे ट्रांसफर करवाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने उन खातों की डिटेल खंगाली जिनमें उन पैसों को ट्रांसफर किया गया था।इसके बाद आरोपित के घर का पता लग गया। इसके बाद मोहम्मद रियाज के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपित की निशानदेही पर अंकित कुमार, किशन यादव, मनोरथ, पूजा, लवली शर्मा, नेहा कश्यप व संगीता को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

काल सेंटर में सीखी लोगों को ठगने की तकनीक

जांच के दौरान पता लगा कि मोहम्मद रियाज ही काल सेंटर का सरगना है। वह दो वर्ष तक पहले काल सेंटर में काम कर चुका है। इस दौरान उसने काल सेंटर चलाने की तकनीक सीखी। इसके बाद अंकित व अपने दोस्त किशन यादव और मनोरथ के साथ मिलकर काल सेंटर शुरू कर दिया। अंकित, किशन यादव और मनोरथ मोहम्मद रियाज के पार्टनर हैं। काल सेंटर से होने वाली कमाई को आरोपित आपस में बांटते थे।

यहां से खरीदते थे डेटा

युवतियां पालिसीबाजारडाटकाम जैसी वेबसाइटों के माध्यम से खरीदे गए डेटा के हिसाब से वाहन चालकों को काल करती थी व उन्हें सस्ते कार बीमे का लालच देकर ठगती थी। आरोपितों को खरीदे डेटा से पता चल जाता था कि किन लोगों की कारों का बीमा खत्म होने वाला है। इसके बाद उसी अनुसार लोगों को काल करते थे|