May 22, 2022 12:55 am

हरदा को बीजेपी की चुनौती “सीएम के सामने चंपावत से लड़ें उपचुनाव, क्या स्वीकार करेंगे हरदा ?

देहरादून: चंपावत विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद चुनावी बिगुल बज चुका है एक तरफ जहां भाजपा के दिग्गजों ने चंपावत मे डेरा डाल दिया हैं वहीं दूसरी तरफ अब सबकी निगाहें मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर लगी है। कांग्रेस 1-2 दिन के अंदर अपना प्रत्याशी घोषित करेगी की चंपावत से हाथ के पंजे पर कौन चुनाव लड़ेगा? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि जल्द वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। चंपावत उपचुनाव के लिए 31 मई को मतदान होना है। चार मई को इसकी गजट अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद नामांकन की प्रक्रिया आरंभ होगी। 11 मई नामांकन की आखिरी तारीख है। पुष्कर सिंह धामी 9 मई को अपना नामांकन दाखिल करेंगे वहीं उपचुनाव की घोषणा के बावजूद कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

एक तरफ जहां चंपावत को उपचुनाव जितना पुष्कर सिंह धामी के लिए जरूरी है वहीं दूसरी तरफ ये चुनाव कांग्रेस की नाक का सवाल भी बन गया है। बीजेपी नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत को चुनाव लड़ने की चुनौती दे रहे हैं। बीजेपी के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कांग्रेस को चुनोती देते हुए कहा अगर कांग्रेस अपना भ्रम तोड़ना चाहती है तो हरीश रावत को चंपावत से चुनाव लड़वाकर देख ले साफ हो जाएगा की उत्तराखंड की जनता किसे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है साथ ही हरदा पर निशाना साधते हुए शुक्ल ने कहा है कि 2022 के आम चुनाव में कांग्रेस ने चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष हरीश रावत को बनाकर यह साफ कर दिया था अगर कांग्रेस की सरकार बनाती है तो हरीश रावत मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे और यह भी प्रचारित किया था कि जनता हरीश रावत को ही मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद मानती है लेकिन हरीश रावत को जनता ने एक बार फिर हराकर यह तय कर दिया है कि हरीश रावत प्रदेश की जनता की पसंद नहीं है अगर अब भी हरीश रावत और कांग्रेस इसे मानने को तैयार नहीं है तो चंपावत उपचुनाव में एक ओर मुख्यमंत्री धामी मैदान में है वहीं कांग्रेस हरीश रावत को अपना प्रत्याशी बनाकर स्पष्ट कर ले आखिर जनता की पसंद कौन है। ये बात बीजेपी के एक नेता नहीं बल्कि कई नेताओं की ज़ुबान पर है।

वहीं कांग्रेस का कहना है की बीजेपी खटीमा की हार को शायद भूल गई है, हमारा कोई भी प्रत्याशी खड़ा हो वो जीतेगा बीजेपी का ये बचकाना बयान है वहीं कांग्रेस चुनौती को स्वीकारने वाले बयान पर साफ जवाब देती नहीं दिख रही है की क्या कांग्रेस बीजेपी की चुनौती स्वीकार करेगी या नहीं। अब देखने वाली बात यही होगी की क्या हरीश रावत खुद इस बयान का जवाब देंगे या फिर कांग्रेस मिलकर बीजेपी की चुनौती को स्वीकार करेगी और पूर्व सीएम हरीश रावत को सीएम पुष्कर सिंह धामी के सामने प्रत्याशी के तौर पर खड़ा करेगी?