May 27, 2022 9:27 am

पीएम मोदी की मिमिक्री कर, देशभर मे फेमस हुए श्याम रंगीला ने थामा आप का दामन…

जयपुरः कॉमेडियन श्याम रंगीला आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं । आप के राजस्थान चुनाव प्रभारी विनय मिश्रा ने जयपुर में श्याम रंगीला को पार्टी में शामिल किया। गौरतलब है कि श्याम रंगीला पीएम नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने के लिए मशहूर हैं। आप में शामिल होने के बाद रंगीला ने कहा, मैंने कभी किसी राजनेता को वोट मांगने के दौरान यह कहते हुए नहीं देखा कि अगर आपको मेरा काम पसंद नहीं है आए तो अगली बार से वोट मत देना, सिवाय आम आदमी पार्टी के। मैं कहीं न कहीं उनसे प्रभावित हूं और इसने मुझे पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।

आम आदमी पार्टी ने लिखा- राजस्थान के मशहूर हास्य कलाकार श्याम रंगीला आप में शामिल! श्याम रंगीला जी लोगों के उदास चेहरों पर अपने व्यंग्य से मुस्कुराहट लाते रहे हैं। अब वो कला के साथ-साथ देश में ‘काम की राजनीति’ करने वाली आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्रांति की अलख जगाएंगे।

इसे साझा करते हुए श्याम ने मजाकिया लहजे में लिखा, ‘ओह माई गॉड…मैं पूछुंगा ऐसा कैसे हुआ’। इसके साथ ही एक अन्य ट्वीट में रंगीला ने लिखा, राजस्थान को भी ‘काम की राजनीति’ की आवश्यकता है, और हम ‘काम की राजनीति’ और ‘आप’ के साथ है। धन्यवाद!

रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने श्याम रंगीला को कोई पद नहीं दिया है। उन्होंने स्वतंत्र रूप से काम करने की अपनी इच्छा जाहिर की है। दिल्ली में पार्टी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए रंगीला ने कहा कि आप अन्य राजनीतिक संगठनों की तरह आरोप-प्रत्यारोप का खेल नहीं खेलती है। उन्होंने कहा, “दिल्ली में इसके विकास कार्यों के आधार पर हाल के पंजाब चुनावों में आप की जीत के बावजूद मैं AAP का समर्थन करता हूं।”

गौरतलब है कि श्याम रंगीला पार्टी में शामिल होने से पहले दिल्ली आए हुए थे और यहां पार्टी संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भेंट भी की थी। उन्होंने यहां कई स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर दिल्ली मॉडल की सराहना की थी। स्कूलों में भ्रमण की तस्वीरें साझा करते हुए रंगीला ने लिखा था,  दिल्ली का जो सरकारी स्कूल देखा वो बहुत बेहतरीन है,हम सब उम्मीद करें कि इस तरह के सरकारी स्कूल हर जगह बने,सभी को यह भी समझना चाहिए कि ये मॉडल किसी पार्टी विशेष का नहीं है,ये चाहे किसी भी सरकार द्वारा बना दिए जायें लेकिन भारत के बेहतर भविष्य के लिए ऐसे स्कूलों की आवश्यकता है।