May 16, 2022 10:35 am

ट्रांसपोर्टरों ने बढ़ा दिया ढुलाई का भाड़ा, पहाड़ों पर समान भी होगा महंगा ?

हल्द्वानी : पहाड़ सामान पहुंचाना महंगा होने जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने सामान ढुलाई का भाड़ा 16 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। कुमाऊं ट्रांसपोर्ट यूनियन संयुक्त मोर्चा व देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल की सामूहिक बैठक में भाड़ा बढ़ाने का निर्णय लिया गया। नई दरों के मुताबिक अल्मोड़ा, रानीखेत सामान पहुंचाना 10 रुपये तक महंगा होगा तो मुनस्यारी, धारचूला के लिए 30 रुपये अधिक चुकाने होंगे। इस पर पांच प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी अलग से देना होगा। नई दरें 10 मई से लागू होंगी। मोर्चा अध्यक्ष राजकुमार नेगी की अध्यक्षता और पंडित दयाकिशन शर्मा के संचालन में हुई बैठक में कारोबारियों ने कहा कि डीजल का भाव लगातार बढ़ते हुए 97 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। एक साल में ही डीजल 20 रुपये से अधिक महंगा हो गया।

टायर, ट्यूब, मोटर पार्ट की कीमत बढऩे के साथ इंश्योरेंस, फिटनेस, टैक्स भी महंगा हुआ है। लागत बढऩे से किराया बढ़ाने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। कारोबारियों ने प्रदेश सरकार से सार्वजनिक परिवहन की भांति मालवाहक वाहनों के ढुलान की दरें भी सार्वजनिक करने की मांग की। पुलिस प्रशासन व सिटी पेट्रोल यूनिट की ओर से वाहन स्वामियों व चालकों का उत्पीडऩ करने के मामले को डीआइजी के समक्ष रखने का निर्णय लिया।

हल्द्वानी से विभिन्न स्थानों का भाड़ा (रुपये प्रति क्विंटल)

स्थान        पुराना किराया      नई दरें

नैनीताल      70                77

अल्मोड़ा      90                100

रानीखेत      90                100

बागेश्वर      120               140

पिथौरागढ़    160               180

बेरीनाग       150                170

थल            170                190

धारचूला      230                260

मुनस्यारी     250               280

चम्पावत      150              165

साबुन, तेल से लेकर नमक तक की निर्भरता

पर्वतीय क्षेत्रों में तेल, साबुन, सब्जी, नमक, सीमेंट, सरिया, ईंट से लेकर राशन तक की आपूर्ति हल्द्वानी से होती है। इससे निर्माण सामग्री की लागत बढ़ेगी। खाने की वस्तुओं पर भी बढ़ते भाड़े का असर दिखेगा। पहाड़ से सीमित मात्रा में खडिय़ा पत्थर, लीसा, लकड़ी आदि हल्द्वानी आता है।