May 16, 2022 10:27 am

आजम खां को जेल से नहीं निकलने देना चाहती यूपी सरकार – अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को रामपुर से विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की रिहाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार यह चाहती है कि किसी न किसी मामले में आजम खां पर शिकंजा कसा रहे ताकि वह जेल से बाहर न निकल पाएं। सपा विधायक आजम खां मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक ताजा टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे और जनता को कोर्ट से पूरी उम्मीद है कि समाजवादियों को न्याय मिलेगा और जल्द ही आजम खां बाहर आएंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जब से यूपी में बीजेपी की सरकार बनी है तब से लगातार कोशिश हो रही है कि आजम खां पर इतना दबाव बनाया जाए कि जेल से बाहर न आ सकें। सरकार के दबाव में कुछ अधिकारियों ने उन पर गलत केस थोप दिए। हमें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा अखिलेश बुधवार को आजमगढ़ में पूर्व वनमंत्री दारा सिंह चौहान के गेलवारा स्थित घर पर उनकी मां को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मंगलवार को मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय रामपुर के लिए धोखाधड़ी कर शत्रु संपत्ति घोषित जमीन हड़पने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां की सशर्त अंतरिम जमानत दो माह के लिए मंजूर कर ली है। डीएम रामपुर को विवादित संपत्ति को कब्जे में लेने और उसको बाउंड्रीवॉल बनाकर सुरक्षित करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियमित जमानत मिल सकेगी। पूर्व मंत्री को निर्देशित किया है कि अंतरिम जमानत पर रहने के दौरान प्रशासन को जमीन पर कब्जा लेने के कार्य में सहयोग करेंगे। साथ ही ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे जमानत शर्तों का उल्लंघन हो अन्यथा ट्रायल कोर्ट अंतरिम जमानत निरस्त कर सकती है।

आजम खां की उम्र, स्वास्थ्य और लगभग ढाई साल से जेल में बंद रहने को देखते हुए मानवीय आधार पर जमानत मंजूर की गई है। पीठ ने डीएम रामपुर को निर्देश दिया है कि वह विवादित 13.8 42 हेक्टेयर भूमि की पैमाइश करवा कर उस पर वास्तविक कब्जा प्राप्त करेंगे तथा कंटीले तार लगाकर उसकी बाउंड्री वाल बनाकर उसे सुरक्षित करेंगे। यह कार्रवाई 30 जून तक पूरी कर लेने का निर्देश दिया है।

मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय के अधिकारियों से भी कहा गया है कि वह कार्य में राजस्व अधिकारियों का पूरी तरह से सहयोग करें, बाधा न डालें। कस्टोडियन शत्रु संपत्ति मुंबई को निर्देश दिया है कि वह भूमि को अर्धसैनिक बलों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग में लाएं।