July 3, 2022 1:22 pm

चेतावनी के बाद भी नहीं माने कर्मचारी, जनता परेशान हो रही थी बेचारी, पठोई के बाद अब किसकी बारी, क्या है सीएम धामी की तैयारी…  

देहरादून: प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर लापरवाह सरकारी कर्मचारियों को सबक़ सिखाने के मद्देनज़र कड़ा रुख़ अपनाया है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को  पहले भी निर्देशित किया था की अधिकारी वक़्त पर औफिस पहुंचेंगे। कर्मचारी अपना काम निपटाएंगे  जनता की समस्याओं का तुरंत निस्तारण करेंगे लेकिन अभी भी शायद अधिकारियों के कान पर शायद जूं नहीं रेंग रही है और इसका जीता जागता उदाहरण आज RTO कार्यालय देहारादून मे देखने को मिला जहां सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने खुद पहुँचकर छापेमारी की और RTO दिनेश पठोई को सस्पेंड कर दिया।

आपको बता दें की RTO कार्यालय से लगातार शिकायते मिल रही थी की अधिकारी अपनी सीट पर नहीं मिलते कर्मचारी नदारद रहते हैं बिना पैसे दिये जनता का काम नहीं किया जाता जिसका संज्ञान लेते हुए आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आरटीओ कार्यालय सुबह करीब दस बजे मुख्यमंत्री के अचानक आरटीओ पहुंचने से हड़कंप मच गया।  बता दें कि मुख्यमंत्री के छापे के दौरान अधिकारी और कर्मचारी बेहद कम संख्या में पहुंचे थे। इस दौरान क़रीब 80 प्रतिशत कर्मचारी ग़ैरहाज़िर मिले। इससे नाराज होकर मुख्यमंत्री धामी ने कार्रवाई की और आरटीओ दिनेश पठोई को सस्पेंड कर दिया। औचक निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पाया कि आरटीओ कार्यालय में आम जनता अपने वाहनों से संबंधित कार्यों के लिए सुबह नौ बजे से मौजूद थी, लेकिन कार्यालय में कुछ कर्मचारियों को छोड़कर आरटीओ के मुख्य अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई मौजूद नहीं थे। उनके साथ ही काफी कर्मचारी सुबह के 10:30 होने के बाद भी हाजिर नहीं थे । कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारी की लापरवाही देखकर मुख्यमंत्री ने परिवहन सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी को भी निर्देश देते हुए कहा कि जितने भी कर्मचारी समय होने के बावजूद कार्यालय में हाज़िर नहीं थे उन सब पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं RTO ओफीस मे अपना काम कराने पहुंचे लोगों ने भी सीएम से अपनी दिक्कतें बताई।

एक तरफ जहां आम जनता सीएम के इस औचक निरीक्षण से खुश है वहीं कांग्रेस भी सीएम की तारीफ कर रही है लेकिन साथ ही साथ ये तंज़ भी कर रही है की ढाई महीने सरकार बने हुए हो चुका है इस दौरान सहकारिता विभाग मे भी खूब घपलेबाजी हुई उस पर भी सीएम को एक्शन लेना चाहिए था कांग्रेस का ये भी कहना है की सीएम धामी सिर्फ अधिकारियों पर ही कार्रवाई न करें बल्कि मंत्रियों की भी कुछ ज़िम्मेदारी तय करें कांग्रेस का ये भी कहना है की ये पूरी कार्रवाई चंपावत उपचुनाव के मद्देनजर की गई है। अब देखने वाली बात ये है की सीएम धामी की इस कार्रवाई से और विभागों के अधिकारी क्या असर लेते हैं क्योंकि दूसरे विभागों के अधिकारी भी लेटलतीफी मे कम नहीं हैं