August 16, 2022 7:33 am

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 6 लाख, पैसे वापिस दिलाने के नाम पर भी ठग लिए 7 लाख, पढ़िये दोहरी ठगी की कहानी…

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ठगों का जाल इस कदर फैला हुआ है कि लोग उनकी शिकायत करने से पीछे हट रहे हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित को पहले एक शख्स ने सीबीआइ में नौकरी लगवाने के नाम पर छह लाख रुपये ठगे। फिर जब नौकरी नहीं लगी तो एक दूसरे शख्स ने ठग से पैसे वापस कराने के नाम पर पीड़ित को कई दिनों तक बंधक बना कर रखा और दिल्ली पुलिस के एक फर्जी एसीपी से फोन करा कर सात लाख रुपये के करीब ठग लिए। यही नहीं आरोपित ने पुलिस में शिकायत करने पर पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी।

किसी तरह से पीड़ित जान बचाकर उत्तराखंड के कोटद्वार स्थित अपने घर पहुंचा। वहां की कोतवाली थाने में जीरो एफआइआइ दर्ज कराई है। इस एफआइआर को अब नई दिल्ली के जिले के साउथ एवेन्यू थाने में जांच के लिए भेजा गया है। मामले में सन्नी वर्मा और शेखर नाम के दो आरोपितों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, विवेक पंथारी मूलरूप से उत्तराखंड के कोटद्वार के रहने वाले हैं। वर्ष 2018 में वह नोएडा में निजी कंपनी में काम करते थे। उनके द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि जून 2019 में उनकी मुलाकात सन्नी नाम के व्यक्ति से हुई। उसने कहा कि वह सीबीआइ में उसकी नौकरी लगवा देगा। इसके बदले उसने विवेक से छह लाख रुपये ले लिए और कहा कि तैनाती कर्नाटक में हैं। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनकी नौकरी नहीं लगी।

पीड़ित ने सन्नी संपर्क किया तो उसने काई जवाब नहीं दिया। पीड़ित के मुताबिक इसके बाद उसकी मुलाकात शेखर से हुई। उसने बताया कि उसकी जान पहचान एमपी एमएलए से है और वह सन्नी से पैसे दिलवा देगा। लेकिन पैसे दिलाने के नाम पर शेखर ने विवेक को पहाड़गंज के एक होटल में सात दिन बंधक बना कर रखा और दिल्ली पुलिस के एक फर्जी एसीपी से फोन कराकर उसी से सात लाख 65 हजार रुपये ले लिए।