August 12, 2022 1:30 am

सिंगरौली में पंचायत सचिव की तीन पत्नियों ने नामांकन किया दाखिल, पति निलंबित

भोपाल : मध्य प्रदेश की सिंगरौली में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए ग्राम पंचायत सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है. पंचायत चुनाव के लिए जब तीन महिलाओं ने पति के नाम वाले कॉलम में जब पंचायत सचिव सुखराम सिंह का नाम लिखा, तो निर्वाचन आयोग समेत प्रशासनिक अधिकारियों के कान खड़े हो गए. अब इन तीन पत्नियों के बारे में जानकारी छुपाने के मामले में पंचायत सचिव सुखराम सिंह पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. बताया जा रहा है कि विभागीय कार्रवाई के तहत सुखराम सिंह पर निलंबन की गाज भी गिर सकती है.

पंचायत सचिव की दो पत्नियां सरपंच पद की प्रत्याशी

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के सिंगरौली के देवसर जनपद पंचायत में तीन महिलाओं ने पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इसमें उन्होंने अपने पति वाले कॉलम में पंचायत सचिव सुखराम सिंह का नाम लिखा. तीनों महिलाओं के नामांकन पत्र में पंचायत सचिव सुखराम सिंह का नाम देखकर निर्वाचन अधिकारी समेत प्रशासनिक अधिकारियों के भी कान खड़े हो गए. इन तीन महिलाओं में से दो ने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं, जबकि तीसरी महिला जनपद सदस्य की प्रत्याशी हैं.

जनपद सीईओ ने की निलंबन की सिफारिश

रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत घोघरा के सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियों का खुलासा होने के बाद देवसर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बीके सिंह ने जिला पंचायत के सीईओ को सुखराम सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने की सिफारिश की है. सुखराम सिंह पर तीन पत्नियों की जानकारी छुपाने के मामले में विभागीय कार्रवाई की जा रही है. देवसर जनपद पंचायत के सीईओ बीके सिंह ने कहा कि विभाग के सभी कर्मचारियों को अपने परिवार के सदस्यों या पंचायत चुनाव लड़ने वाले रिश्तेदारों के बारे में जानकारी देने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि हालांकि, ग्राम पंचायत घोघरा के सचिव सुखराम सिंह ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग को अपनी दो पत्नियों के चुनाव लड़ने के बारे में सूचित किया, लेकिन तीसरी पत्नी गीता सिंह के बारे में जानकारी छिपाई.

सुखराम सिंह ने नोटिस का नहीं दिया जवाब

सीईओ बीके सिंह ने कहा कि सुखराम सिंह ने तीनों पत्नियों का पति होना स्वीकार किया है. उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इसके बाद जिला पंचायत के सीईओ को एक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं निलंबन की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, सुखराम सिंह की दो पत्नियां (कुसुमकली सिंह और गीता सिंह) पिपरखांड ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं. गीता सिंह पहले इसी ग्राम पंचायत की सरपंच रह चुकी हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुखराम सिंह की एक अन्य पत्नी उर्मिला सिंह भी पेड़रा जनपद पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ रही हैं.