August 12, 2022 3:04 am

उत्तराखंड: “साहब” की गाड़ी सरकारी, लाए तरकारी, “डॉगी” करे सवारी, VIDEO मे देखिये अधिकारियों की कारगुज़ारी…

देहरादून: उत्तराखंड 13 जिलों का छोटा सा राज्य है लेकिन इस छोटे से राज्य मे मंत्रियों विधायकों और ब्यूरोक्रेट्स के बीच अक्सर तनातनी देखने को मिलती है उत्तराखंड के गठन होने बाद से ही यहाँ बेलगाम नौकरशाही मंत्रियों विधायकों पर हावी तो रही ही है लेकिन अब मामला दूसरा खड़ा हो गया है । आपको बता दें की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके विभागीय सचिव का मामला अभी सहान्त भी नहीं हुआ है की अब अधिकारियों पर उत्तराखंड में संविदा आउटसोर्स वाहन चालक संघ ने सवाल उठाए हैं । । संविदा आउटसोर्स वाहन चालक संघ ने कहा कि विभिन विभागों में कई ऐसे कर्मचारी है जो सरकारी वाहनों का दुरुपयोग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि अगर किसी सचिव के पास 5 विभाग है तो वह पांचो विभागों के सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कर रहा है .. जिसमें सरकारी वाहनों को कार्यालय स्टॉप , घर पर ड्यूटी, बच्चों को स्कूल छोड़ना , बाजार से सब्जी लाना , घर के कुत्ते घुमाने जैसा काम करने के लिए कहा जा रहा है …और इन सभी कार्यों का खर्च भी उन अधिकारियों के द्वारा सरकारी खाते से किया जा रहा है। संविदा और शोध वाहन चालक संघ की मांग है कि विभागों शासन और नगर निकायों निगमों में लगे वाहन चालकों के लिए नीति निर्धारित की जाए जिससे कर्मचारी अपने नियमों के अनुसार काम कर सकें। आउटसोर्सड वाहन चालक संघ ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन प्रेषित किया है और त्वरित कार्रवाई की मांग की है । गौरतलब है की पिछले दिनों ऋषिकेश में तहसील की सरकारी गाड़ी पर लैबराडोर कुत्ते को घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था वायरल वीडियो में गाड़ी पर आगे तहसीलदार और पीछे मजिस्ट्रेट लिखा गया था यह सरकारी वाहन ऋषिकेश से गुजर रहा था। किसी राहगिर ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था ।

वहीं संविदा आउटसोर्स वाहन चालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरीश कोठारी ने कहा कि विभिन विभागों में कई ऐसे कर्मचारी है जो सरकारी वाहनों का दुरुपयोग कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर कांग्रेस और बीजेपी भी आमने सामने आ चुकी है। कांग्रेस ने सरकारी मशीनरी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सब्ज़ी लेने और कुत्ते घुमाने के लिए विशेष रूप से सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल हो रहा है तो ये राजकीय वित्त का दुरुपयोग है इस पर जल्द से जल्द रोक लगना चाहिए। जबकि दूसरी तरफ भाजपा अब भी अपनी सरकार का बचाव करते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने की बात कर रही है। बीजेपी का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग जैसी ऐसी किसी भी शिकायत पर प्रदेश सरकार सख़्त कार्रवाई करेगी। एक बात तो साफ है पुष्कर सिंह धामी ने शुरू मे ही साफ कर दिया था की अधिकारियों को सलीके से चलना होगा लेकिन अधिकारी शायद बात समझ नहीं पाये हैं पहले मंत्री की बात न मानना और अब गाड़ी मे कुत्ते घुमाने का वीडियो अधिकारियों पर कई सवाल खड़े कर रहा है। अब देखने वाली बात ये होगी की सूबे के मुखिया इस पर क्या एक्शन लेते हैं