August 18, 2022 10:52 pm

मानसून सीजन में आपदा की तैयारी, सीएम धामी ने अफसरों के अवकाश पर 3 महीने तक रोक लगाई…

देहरादून: मानसून सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अफसरों के अवकाश पर रोक लगा दी है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि आपदा राहत एवं बचाव के काम एक दूसरे पर टालने के बजाय आपसी समन्वय से किया जाए।मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बुधवार को सचिवालय में आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अफसरों को आपदा राहत एवं बचाव के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत बचाव का रिस्पांस टाईम कम से कम करने, राहत, बचाव का काम तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने हर समय अलर्ट रहने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारियों को कहा कि आपदा प्रबंधन के बजट को मानकों के तहत अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।

आदपा पीड़ितों को मुआवजा समय पर दिया जाए। सड़क बंद होने, बिजली, पानी की आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल व्यवस्थाओं को बहाल किया जाए। उन्होंने सड़क खोलने के लिए पर्याप्त मात्रा में जेसीबी तैनात करने और ट्रेकिंग के लिए जीपीएस लगाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सैटेलाईट फोन चालू रखने और पर्वतीय जिलों में खाद्य सामग्री, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति पहले से ही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर एसडीआरएफ की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम अपने स्तर पर लें निर्णय

मुख्यमंत्री ने सभी डीएम को आपदा के समय अपने स्तर पर निर्णय लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है केवल उन्हीं को शासन तक भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां ड्रेनेज सिस्टम की समस्याएं हैं वहां के लिए ड्रेनेज प्लान जल्द तैयार कर भेजें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शासन स्तर पर जो बैठकें होती हैं उससे पहले संबंधित विषयों पर जिलाधिकारी अपने स्तर पर सभी विभागों की बैठक करें। ताकि जिला स्तर पर आने वाली सभी समस्यांओं को शासन स्तर की बैठक में रखा जा सके।

वाहन दुर्घटना के मृतकों का मुआवजा बढ़ाया जाएगा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वाहन दुर्घटना में मरने वाले लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि बढाने को कहा। उन्होंने कहा कि मुआवजा बढ़ाने के संदर्भ में प्रस्ताव तैयार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन के साथ ही चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने के साथ ही कांवड यात्रा के लिए हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी के जिलाधिकारियों को पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए।