August 19, 2022 8:23 pm

हिमाचल: CIC की रेस में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह हुए शामिल- मुख्य सूचना आयुक्त बने सिंह तो CS का पद होगा खाली, दोनों पदों के लिए पैरवी तेज

मुख्य सचिव राम सुभग सिंह मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) पद की रेस में।

CIC के लिए आए 51 आवेदन ।

राम सुभग सिंह  CIC बने तो राज्य में मुख्य सचिव का पद हो जाएगा खाली।

शिमला:  हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव राम सुभग सिंह मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) पद की रेस में शामिल हो गए हैं। प्रशासनिक सुधार (AR) विभाग द्वारा CIC पद के लिए आवेदन के बाद राम सुभग सिंह ने भी आवेदन कर दावेदारी जताई है। अब इस पद के लिए कुल आवेदन 51 हो गए हैं।

राज्य के नए CIC का चयन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी करेगी। इससे पहले भी 25 जून को हाई पावर कमेटी की शिमला के पीटरहॉफ में बैठक हो चुकी है। इसमें CIC के लिए आए 48 आवेदनों पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने यह कहकर चयन को टाल दिया था कि कुछ लोग और आवेदन करना चाहते हैं। इसलिए अतिरिक्त समय दिया जाए।

नए मुख्य सचिव को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म

इसके बाद AR विभाग ने 4 जुलाई को नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए। अब मुख्य सचिव के आवेदन करने के बाद कयास लगाए जा रहे है कि यदि सरकार राम सुभग सिंह को CIC बनाती है तो राज्य में मुख्य सचिव का पद खाली हो जाएगा। 1987 बेच के राम सुभग सिंह के बाद इसी बैच की ACS निशा सिंह, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे 1988 बैच के अली रजा रिजवी, ACS संजय गुप्ता और ACS आरडी धीमान सबसे वरिष्ठ है।

वरिष्ठता के आधार पर निशा सिंह सबसे सीनियर

आरडी धीमान इसी साल रिटायर होंगे, जबकि राम निशा सिंह दो साल और संजय गुप्ता तीन साल बाद रिटायर होंगे। मुख्य सचिव की दौड़ में वरिष्ठता के आधार पर निशा सिंह सबसे आगे होगी। रिजवी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने की कम उम्मीद है। ऐसे में अब चर्चा शुरू हो गई है कि कौन अगला मुख्य सचिव और CIC होगा।

इन्होंने भी कर रखा है आवेदन

फिलहाल CIC के लिए ACS आरडी धीमान, CM के सलाहकार आरएन बत्ता, पूर्व PCCF डा. सविता, पूर्व DGP सेवानिवृत एसआर मरड़ी समेत कई वरिष्ठ IAS, IPS , IFS के अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार , वकीलों  ने भी आवेदन कर रखा है।

30 जून से खाली है CIC का पद

हिमाचल में मुख्य सूचना अधिकारी का पद बीते 30 जून से खाली है। CIC पद से नरेंद्र चौहान बीते 30 जून को पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रिटायर हो गए हैं। इन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने CIC पद पर तैनाती दी थी। इस पद पर ताजपोशी के लिए सभी ब्यूरोक्रेट, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता जुगाड़ बिठा रहे हैं क्योंकि CIC को सुप्रीम कोर्ट के जज के समान सुविधाएं मिलती है।