August 12, 2022 2:06 am

हरक के बाद हरिद्वार में हरीश रावत की एंट्री,  आनन-फानन में पहुंचे ‘हरदा’ ने फिर बटोरी सुर्खियां

हरिद्वार: हरिद्वार लोकसभा से सियासी जमीन टटोलकर एक दिन पहले ही लौटे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बाद बुधवार को अचानक से पूर्व सीएम हरीश रावत की हरिद्वार में एंट्री ने सियासी पारे को और चढ़ा दिया है। फेरूपुर में अचानक उनका स्वागत कार्यक्रम हुआ। खुद के स्वागत कार्यक्रम में हरदा ग्रामीणों की तारीफ करते नहीं थके। हालांकि, हरक सिंह रावत के हरिद्वार से लोकसभा लड़ने की मंशा जाहिर करने के सवाल पर चुप्पी साध गए। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने मंगलवार को धर्मनगरी में पहुंचकर हरिद्वार लोकसभा सीट से चुुनाव लड़ने की इच्छा जताई। रावत ने कांग्रेस के कई दिग्गजों के साथ पहुंचकर हरीश रावत को भी घेरने के लिए बिसात बिछाने का काम किया है ताकि वह हरिद्वार से लोकसभा सांसद बनकर अपनी सक्रिय राजनीति शुरू कर सकें, लेकिन उनके हरिद्वार से लौटने के अगले ही दिन पूर्व सीएम हरीश रावत आनन-फानन में फेरूपुर में स्वागत कार्यक्रम में पहुंच गए।


पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री के इशारे पर ही हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पंचायत चुनाव के परिसीमन व आरक्षण में बड़ा खेल खेला गया है। इससे कांग्रेस के कई लोग चुनाव लड़ने से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी के लोगों को पंचायत चुनाव में जीताने की अपील की है। कहा कि भाजपा को सबक सिखाने का यह एक मौका है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जो भी पार्टी विरोधी कार्य करेगा, उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देहरादून के भाजपा के लोग उनके और हरिद्वार के लोग उनकी बेटी अनुपमा रावत के पीछे पड़े हैं, जबकि लोगों से उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है।

वह देहरादून से कहीं और जाने वाले नहीं हैं। 2027 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाकर दिखाएंगे। सरकार बनने पर हरिद्वार के विकास के लिए हरिद्वार विकास परिषद का गठन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुपमा से उनकी समस्याओं को ठीक से उठाने का भी फीडबैक लिया। कहा कि अगर फिर भी उनकी बेटी से कोई गलत हो जाए तो वह उसे माफ करें।