August 16, 2022 6:37 am

अगले 24 घंटे में इन राज्यों में होगी भारी बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानिए अपने राज्य के मौसम का हाल…

नई दिल्ली मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि अफगानिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान पर बन रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते मॉनसून अगले 24 घंटों में पूरे उत्तर प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा. वहीं पश्चिम और मध्य भारत से लेकर दक्षिण भारत तक आसमानी आफत बनकर बरस रही बारिश से आज भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. नदिया उफान पर हैं. भारी बारिश से लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग के अलर्ट में आज से लेकर अगले 4 दिनों तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. इसी तरह कर्नाटक के तटीय इलाकों में आज सोमवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. वहीं विदर्भ क्षेत्र में मंगलवार 19 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है.

उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में आज कई जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं 19 और 20 जुलाई को मूसलाधार बारिश के अनुमान को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है जिसके मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों से सतर्क और सचेत रहने को कहा है. मौसम विभाग ने प्रदेश के 13 में से सात जिलों में 19 और 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है. मौसम विज्ञानियों का मानना है कि अगले चार दिन उत्तराखंड के लिए भारी हो सकते हैं.

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, उधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गयी है जबकि बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. प्रदेश में गंगा और उसकी सहायक नदियों समेत ज्यादातर नदियां उफान पर हैं और कई जगह उनका जलस्तर चेतावनी के निशान के पास पहुंच गया है.

यूपी के मौसम का हाल

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की टर्फ लाइन ऊपर की ओर आ रही है जिससे उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में आज सोमवार तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना बन रही है. इसके लिए IMD  ने पूरे यूपी में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है. इसके अलावा, अगले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज चमक संग छींटे पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक यूपी में 18 जुलाई तक पूरी तरह से मॉनसून सक्रिय होने के आसार है.

राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है. राजस्थान में जयपुर के साथ-साथ उदयपुर, झालावाड़, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा और सिरोही में तेज बारिश का अनुमान है. पूर्वी राजस्थान में आगामी चार से पांच दिन तक अधिकांश जिलों में बादलों की गरज के साथ बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. अलवर और श्रीगंगानगर में फिर भारी बारिश हो सकती है. वहीं भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के जिलों में कहीं कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.

केरल में भारी बारिश का अलर्ट

केरल में आज से अगले 72 घंटो के दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है. इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश होने के कारण मुल्लापेरियार और इडुक्की समेत कई बांधों में जल स्तर तेजी से बढ़ रहे हैं और कुछ बांध तो खतरे के निशान तक पहुंच गए हैं. केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) द्वारा जारी कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) के नियंत्रण में आने वाले छह बांधों में जलस्तर रेड अलर्ट और एक बांध में ऑरेंज अलर्ट के स्तर पर है. इनमें से चार इडुक्की में हैं. केएसडीएमए ने कहा कि त्रिशूर में पोरिंगलकुथु बांध में ऑरेंज अलर्ट की घोषणा की गई है.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मौसम रिपोर्ट और केएसडीएमए के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पलक्कड़ में मीनकारा सिंचाई बांध में भी ऑरेंज अलर्ट की घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि उनकी हालात पर नजर है. इसके बाद तिरुवनंतपुरम और पलक्कड़ में क्रमशः नेय्यर और मंगलम सिंचाई बांधों में ब्लू अलर्ट की घोषणा की गई है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार भारी बारिश की खबरें आ रही हैं. कुछ इलाकों में भारी बाढ़ आने की खबरें हैं और लोगों को बचाव शिविरों में ले जाया जा रहा है.

तेलंगाना के कई जिले बाढ़ प्रभावित

तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने रविवार को भद्राद्री-कोठागुडम जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों को स्वच्छता किट, दवाएं और अन्य राहत सामग्री भी वितरित कीं. तेलंगाना के भद्राचलम में हाल में भारी बारिश के कारण गोदावरी नदी के जल स्तर में भारी वृद्धि हुई. हालांकि, रविवार से जल स्तर घटना शुरू हो गया. कुछ बाशिंदों ने कहा कि इतनी भीषण बाढ़ 1986 में आई थी. भद्राद्री-कोठागुडम जिले के कई इलाकों में शनिवार को भी पानी भरा रहा. राज्य सरकार ने जिले में बाढ़ के चलते कई हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया है.

महाराष्ट्र में सौ से ज्यादा की मौत

महाराष्ट्र में आज भी कुछ जिलों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान लगाया गया है. एक जून को मॉनसून आने के बाद से बारिश संबंधी घटनाओं में कम से कम 104 लोगों की मौत हो चुकी है. इस रिपोर्ट में मौत के लिए बाढ़, आकाशीय बिजली, भूस्खलन, पेड़ों की कटाई और अन्य कारणों को वजह बताया गया है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दो गांव भारी बारिश से प्रभावित हुए और तीन लोग लापता हैं. पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण राज्य में कहीं से भी किसी को निकाला नहीं गया है.