August 18, 2022 9:45 pm

कोटद्वार मे गुलदार के हमले से महिला की मौत, रुद्रप्रयाग मे नरभक्षी गुलदार को गोली मारने के आदेश जारी…

कोटद्वार / रुद्रप्रयाग: दुगड्डा प्रखंड के अंतर्गत ग्राम गोदी छोटी में गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह महिला अपने बच्चे को दुगड्डा स्थित स्कूल में छोड़ने के बाद घर लौट रही थी। इस बीच रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया। प्रखंड दुगड्डा के अंतर्गत ग्राम गोदी बड़ी निवासी रीना देवी (38) पत्नी मनोज चौधरी मंगलवार सुबह गांव से अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने दुगड्डा आई। बताया जा रहा है कि वापसी में गांव के समीप ही रीना देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया गुलदार उसे घसीटते हुए झाड़ियों के भीतर ले गया। गांव से दुगड्डा की ओर आ रहे कुछ बच्चों ने रास्ते में खून पड़ा देख इसकी जानकारी गांव में दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घटनास्थल से कुछ दूर झाड़ियों में एक शव पड़ा देखा। समीप ही गुलदार भी बैठा हुआ था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है व शव को झाड़ियों से बाहर निकाला गया। बीते वर्ष भी इस गांव में गुलदार ने एक मासूम को निवाला बनाया था। घटना के बाद से परिवार में गमगीन माहौल है। वहीं ग्रामीणों में रोष है। वन विभाग से गांव में पिंजरा लगाने की मांग की जा रही है।

नरभक्षी गुलदार को गोली मारने के आदेश जारी

रुद्रप्रयाग में आठ वर्ष के बालक को शिकार बनाने वाले नरभक्षी गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि नरभक्षी गुलदार को ड्रौन कैमरे की मदद से पहचान करने व पिंजरे में कैद न होने पर मारने के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग ने शीघ्र नरभक्षी गुलदार को पकड़ने या मारने की मांग की है।

जिले की जखोली विकासखंड के बड़मा पट्टी की बष्टा ग्राम पंचायत में चार दिनों से नरभक्षी गुलदार को लेकर खौफ है। 13 जुलाई को गुलदार ने आठ वर्षीय आरूष पुत्र मनमोहन सिंह को घात लगाकर अपना शिकार बना लिया था। जिसके बाद प्रभागीय वनाधिकारी ने प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को पत्र लिखकर गुलदार को नरभक्षी घोषित करने, शिकारी दल तैनात करने, एवं गुलदार को गोली मारने की मांग की थी।

प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव समीर सिन्हा ने प्रभावित क्षेत्र में कैमरा ट्रैप के माध्यम से नरभक्षी गुलदार की पहचान करते हुए गुलदार को पकड़ने व मारने की स्थिति में तत्काल इसकी सूचना देने को कहा है। साथ ही कहा कि एक महीने के भीतर कार्रवाई न होने पर यह आदेश स्वत: ही समाप्त हो जाएगा।


वहीं नरभक्षी गुलदार के आतंक से पूरा क्षेत्र खौफ में है। रात होने से पहले ही ग्रामीण अपने घरों में दुबक रहे हैं, जबकि गांव से इधर-उधर भी ग्रुप में जा रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र बुटोला ने बताया कि वन मंत्री सुबोध उनियाल से इस संबंध में दूरभाष पर वार्ता हुई थी। जिसके बाद उन्होंने नरभक्षी गुलदार घोषित करने के लिए प्रमुख वन संरक्षक को आदेश जारी किए।