August 16, 2022 6:59 am

यहां पत्नी का चेहरा बिगाड़ देता है पति, जानिए क्यों निभाई जाती है ऐसी परंपरा?

न्यूज़ डेस्क: दुनियाभर के हर देश में और संप्रदाय में लोग अलग-अलग तरह के रीति-रिवाजों को मानते आ रहे हैं. जो सदियों से उनके समाज के साथ जुड़ी हुई है. कुछ रीति-रिवाज तो ऐसे होते हैं जिन्हें जानकर किसी को भी हैरानी होने लगे. सबसे ज्यादा विचित्र रीति-रिजाव आदिवासी और जनजाति में निभाए जाते हैं जो यकीनन किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देंगे. वैसे तो दुनियाभर में महिलाओं को संजना संवरना बेहद पसंद होता है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे समुदाय के बारे में बताने जा रहे हैं जहां महिलाओं को बदसूरत बनाया जाता है. यही नहीं महिलाओं को बदसूरत बनाने में उनके ही पतियों का हाथ होता है.

कहां निभाई जाती है ऐसी परंपरा

महिलाओं को बदसूरत बनाने की इस परंपरा को म्यांमार में रहने वाली चिन और मुन जनजाति के लोग निभाते हैं. यहां पुरुष अपनी पत्नियों को कुरूप बनाकर रखते हैं. इसके लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ते. उनके चेहरे को ऐसे बना दिया जाता है कि अगर आप भी उन्हें देख लें तो हैरान रह जाएं.

चेहरे पर बना देते हैं भद्दे टैटू

दरअसल, इस जनजाति के पुरुष अपनी पत्नियों के चेहरे पर भद्दे टैटू बनवाकर रखते हैं. इससे भी हैरानी की बात तो ये हैं कि ये टैटू सूअर और गाय की चर्बी के बने होते हैं. जिससे उनसे घृणा और बढ़ जाती है. साथ ही ये टैटू किसी रंग से नहीं बल्कि जंगली पौधों से बनाए जाते हैं. इनसे संक्रमण का खतरा भी रहता है. टैटू बनवाने के बाद भी इनसे खून रिसता रहता है.

क्यों निभाई जाती है ऐसी परंपरा

दुनियाभर में मौजूद अलग अलग जनजाति के लोग सदियों से अपनी परंपरा निभाते आ रहे हैं जिनमें से कुछ परंपराएं ऐसी है जिन्हें जानकर कोई भी हैरान रह जाए. आधुनिक युग में जहां इंसान चांद पर पहुंच रहा है तो वहीं जनजाति के लोग सदियों पुरानी अपनी परंपरा को ही निभा रहे हैं. म्यांमार में रहने वाली चिन और मुन जनजाति के लोग भी अपनी परंपरा को बखूबी निभाते आ रहे हैं क्योंकि इन जातियों को हमेशा अपनी सुरक्षा की चिंता सताती रहती है.

असुरक्षा के कारण ही ये लोग ऐसा करते हैं क्योंकि म्यांमार में बरसों पहले राजशाही थी और निर्दयी राजा अपने क्षेत्र की सुंदर महिलाओं पर गंदी नजर रखते थे. वह शारीरिक शोषण के अलावा उन्हें सेक्स स्लेव के रूप में रखते थे. इस समस्या से निपटने के लिए जनजाति के लोगों ने अपनी महिलाओं का सौंदर्य ही बिगाडना शुरू कर दिया. उसके बाद ये लोग आज भी इसी तरह की परंपरा को निभाते आ रहे हैं