August 19, 2022 8:48 pm

अजब–गजब: यहाँ शिक्षक ने 30 हज़ार मे बेच दिया सरकारी स्कूल का कमरा ! अब दूसरे कमरे का होने वाला था सौदा…

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में प्राइमरी स्कूल के एक अध्यापक ने स्कूल का कमरा गांव के व्यक्ति को तीस हजार रूपये में बेच दिया. शिकायत होने पर जांच हुई तो उस व्यक्ति ने उस कमरे को तोड़ भी दिया लेकिन जांच में मामला सही पाया गया और अब शिक्षा विभाग इस अध्यापक पर कार्रवाई करने जा रहा है. पूरा मामला मुरादाबाद के कुंदरकी ब्लाक के गांव पीतपुर नैयाखेड़ा का है .

दूसरे कमरे का भी कर रहा था सौदा

मुरादाबाद के कुंदरकी विकास खंड क्षेत्र के गांव पीतपुर नैय्याखेड़ा में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालय में मुजाहिद हुसैन अध्यापक हैं. विद्यालय में वर्ष 2010 में एक अतिरिक्त कमरे का निर्माण कराया गया था. आरोप है कि मुजाहिद हुसैन ने क्षेत्र के एक व्यक्ति को इस स्कूल का एक  कमरा 30 हजार रुपये में बेच दिया. जिसे खरीदने वाले व्यक्ति ने तुड़वा भी दिया. आरोप है कि अध्यापक मुजाहिद इसके बाद विद्यालय के एक दूसरे कक्ष का भी सौदा करने लगा जिसे लेकर उसका गांव के प्रधान से विवाद हो गया. प्रधान ने इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी से कर दी.

स्कूल से गायब रहने के भी लगे हैं आरोप

खंड शिक्षा अधिकारी विष्णु ने गांव पहुंच कर मामले की जांच की जिसमें आरोप सही पाए गए है. इसके आधार पर खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट बीएसए मुरादाबाद बुद्धप्रिय सिंह को भेज दी है. प्रधान ने आरोपी अध्यापक पर अक्सर विद्यालय से गायब रहने का भी आरोप लगाया है. बताया जाता है कि इस पहले भी एक बार अनुपस्थित पाए जाने पर इस अध्यापक मुजाहिद हुसैन का एक दिन का वेतन काटा गया था लेकिन अध्यापक अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आया और अब इस अध्यापक पर के बार फिर कार्यवाही की गाज गिरने वाली है.

बेसिक शिक्षा विभाग करेगा टीचर पर कार्रवाई

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्धप्रिय सिंह ने बताया, ‘ कल ये मामला खंड शिक्षा अधिकारी विष्णु द्वारा मेरे संज्ञान लाया गया था. विष्णु ने उस विद्यालय का निरीक्षण किया और  मुझे जो रिपोर्ट दी गई. उसमें अध्यापक मुजाहिद हुसैन पर आरोप की पुष्टि पाई गई है. इससे पहले 26 जुलाई को मैं खुद इस विद्यालय में भी गया था, उस समय भी मैंने जो विद्यालय की दशा देखी थी, उससे स्पष्ट था कि वहां जो कंपोजिट ग्रांट की हमारी धनराशि गई थी उसका भी सदुपयोग नहीं किया गया था. इसके लिए मैंने अध्यापक का वेतन रोकते हुए कमेटी जांच के लिए गठित की थी. जांच के दौरान ये प्रकरण सामने आया है. दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.’