May 16, 2022 11:37 am

राजधानी देहारादून मे पुलिस परिजनो की गूंज,  ग्रेड-पे को लेकर जोरदार प्रदर्शन, पढ़िये पूरी खबर

देहरादून: उत्तराखंड में ग्रेड-पे बरकरार रखने की मांग पर पुलिस कर्मियों के परिजनों ने रविवार को प्रदेश के कई शहरों में धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है। डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक पुलिस मुख्यालय इस मामले में लगातार अपने जवानों का पक्ष सरकार के सामने रख रहा है। उन्होंने पुलिस परिजनों से अपील भी की थी कि वह संयम बनाएं रखें। आपको बता दें कि ग्रेड-पे को लेकर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर रविवार 25 जुलाई को देहरादून में परेड ग्राउंड सहित अन्य शहरों में भी पुलिस कर्मियों के परिजनों द्वारा धरना देने के मैसेज को वायरल किया जा रहा था। 

उन्होंने पुलिस कर्मियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। देहरादून सहित रुद्रपुर में भी पुलिस के परिजनों ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया। रुद्रपुर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की और पुलिस लाइन व पीएसी गेटो पर ताले लगाए। इस बीच पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मामले में लगातार अधीनस्थ कर्मियों को समझाने बुझाने का भी प्रयास चलता रहा। इसी क्रम में अलग- अलग जिलों में पुलिस कप्तानों ने अपील जारी कर, पुलिसकर्मियों को 27 जुलाई को प्रस्तावित सब कमेटी बैठक का इंतजार करने को कहा गया है। ग्रेड-पे को लेकर सरकार ने कैबिनेट की उपसमिति गठित कर रिपोर्ट मांगी है। इसके बावजूद पुलिस के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। वे इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उत्तराखंड में पुलिस जवानों के ग्रेड-पे के मसले पर परिजन सड़क पर उतर आए हैं। देहरादून में सिटी मजिस्ट्रेट से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रविवार को बड़ी संख्या परिजन देहरादून में गांधी पार्क पर पहुंच गए। कांग्रेस सेवादल समेत कई संगठनों से जुड़े लोगों के साथ पुलिसकर्मियों के परिजन प्रदर्शन में शामिल रहे। इन्हें पुलिसकर्मियों के 4600 गेड-पे की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। गांधी पार्क के सामने पुलिस के परिजनों ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया।

 

देहरादून की सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान भी मौके पर पहुंची हैं। पुलिसकर्मियों के परिजनों से अपील की जा रही है घर वह अपने-अपने घर लौट जाएं।प्रदर्शनकारियों से गांधी पार्क के बाहर राजपुर रोड खाली करने की अपील की जा रही है। जाम नहीं लगाने के लिए भी कहा जा रहा है। पुलिस के कई बड़े अफसर मौके पर परिजनों को समझाने में लगे हैं। पुलिसकर्मियों के समर्थन में कई कर्मचारी, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के सदस्य भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।