May 16, 2022 11:44 am

झारखंड की सरकार गिराने की साजिश की CBI जांच के लिए हाइकोर्ट में PIL, पढ़िये पूरी खबर

रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार गिराने के लिए विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की सीबीआई जांच को लेकर मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई. याचिका पंकज कुमार यादव की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने दायर की है. झारखंड हाइकोर्ट में दायर याचिका में पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग की गई है. इसके साथ ही मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय एवं आयकर विभाग से भी कराने का आग्रह किया गया है. प्रार्थी ने सीबीआई, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, बेरमो से कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह (अनूप सिंह) , एसएसपी रांची आदि को प्रतिवादी बनाया है.

प्रार्थी ने राइट टू वोटर के अधिकार का हवाला देते हुए याचिका में कहा है कि झारखंड के विधायक पद व पैसों के लिए अपना ईमान बेच देते हैं. यह वोटरों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है. वर्ष 2005 से झारखंड में हॉर्स ट्रेडिंग की घटनाएं होती रही हैं. विधायक हमेशा सरकार बनाने में और राज्यसभा सदस्य चुनने में स्वयं को बेचते रहे हैं. इसलिए स्वयं को बेचनेवाले विधायकों और खरीदने वाली पार्टियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. चूंकि इस मामले में कई राज्यों के लोगों का नाम आ रहा है. इसलिए इसकी सीबीआई जांच जरूरी है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों विधायकों का खरीद फरोख्त कर हेमंत सरकार गिराने का आरोप लगाते हुए बेरमो से कांग्रेस विधायक जयमंगल सिंह ने रांची के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसी के आलोक में कोतवाली पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया था. फिलहाल गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं.