May 21, 2022 2:14 am

उत्तराखंड मे बरस रही है आफत की बारिश बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे सहित कई संपर्क मार्ग बंद

देहरादून: उत्तराखंड में बारिश के बीच तमाम स्थानों पर तबाही का आलम नजर आ रहा है। भूस्खलन के चलते बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे सहित कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। राजधानी देहरादून में रात से बारिश जारी है। जिससे शहर में जलभराव हो गया है। दून में रिस्पना और बिंदाल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मसूरी मार्ग भूस्खलन के बाद बंद करना पडा। चमोली जिले में भी मंगलवार देर रात से बारिश हो रही है। यहां बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह बंद है। जिले में 20 संपर्क मार्ग भी बंद हैं। लगातार बारिश से नदी और नालों में जलस्तर बढ़ गया है।

बारिश के बीच ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी मलबा आने से बंद हो गया है। टिहरी जिले में तड़के चार बजे से लगातार बारिश हो रही है। गंगोत्री हाईवे खुला है। वहीं जिले में 12 संपर्क मार्ग बंद हैं। भारी बारिश के बाद मसूरी-देहरादून मार्ग पर गलोगी धार के पास भूस्खलन के बाद यातयात बंद हो गया है। पर्यटक स्थल केंपटी फाल का जलस्तर बढ़ने से फाल के अंदर मलबा भरने से पर्यटकों को जाने से रोका जा रहा है। हरिद्वार से नजीबाबाद हाइवे में कोटावाली नदी उफान पर है। सुबह 7 बजे से हाइवे के दोनों ओर भारी वाहन खड़े है। पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगा भारी वाहनों की आवाजाही बन्द कर दी है। दून के बकरावाला क्षेत्र में एक पुल टूट गया है। यह एक छोटी पुलिया थी, जिस पर चौपहिया वाहन भी चलते थे। यहां रायपुर के मालदेवता में एक बार फिर सड़क पर मलबा आने रास्ता बंद हो गया है। जेसीबी द्वारा मलबा हटाने का काम किया गया। मसूरी के कैंपटी फाल में जलस्तर बढ़ने से पुलिस ने यहां पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी है। वहां मौजूद पर्यटकों को वापस भेजा गया।

हरिद्वार में देर रात तीन बजे से हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। जिस वजह से फाटक खोल दिए गए हैं। वहीं ऋषिकेश में भी गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार सुबह से हो रहे बारिश के चलते चीला बैराज मोटर मार्ग स्थित बिन नदी उफान पर आ गई। जिस वजह से इस मार्ग पर कई वाहन नदी के जलस्तर में फंस गए। पुलिस प्रशासन ने रेस्क्यू कर नदी में फंसे वाहनों को बाहर निकाला। गौरतलब है कि बिन नदी से होते हुए पहाड़ी रूटों पर कई ग्रामीण आवाजाही करते हैं। बरसात के सीजन में बिन नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के साथ ही पर्यटकों को आवाजाही करने में परेशानी होती है। लोगों को परेशानी न हो इसके लिए कई बार ग्रामीणों में शासन प्रशासन से बिन नदी पर पुल बनाने की मांग की है, लेकिन पुल का निर्माण अभी ठंडे बस्ते में है।

दूसरी ओर उत्तरकाशी के बड़कोट में देर रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। जिस वजह से सड़कों, घरों और गोशालाओं में पानी और मलबा भर गया है। यमुनोत्री हाईवे भी जगह-जगह मलबा आने से बंद पड़ा हुआ है। यहां मानपुर क्षेत्र में अधिक बरसात के कारण इंद्रवती नदी उफान पर है। जिस वजह से गूल, गिंडा तोक गांव में जलसंस्थान की पेयजल लाइन बह गई है। बड़कोट में यमुना नदी और बरसाली नाले उफान पर हैं। गंगोत्री धाम में गंगा निकेतन के पास भूस्खलन हो गया है। यहां भागीरथी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे आसपास के भवनों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।