May 21, 2022 1:11 am

आज खत्म हो जाएगा कांग्रेस का 3 दिवसीय चिंतन शिविर, तैयार मसौदे पर लग जाएगी कोर कमेटी की फाइनल मुहर

देहरादून: उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय विचार मंथन शिविर के दूसरे दिन भी सुबह से देर रात तक बैठकों का दौर जारी रहा। इस दौरान वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार को धार देने के लिए लिए मुद्दों को लयबद्ध कर टूल किट तैयार की गई। इसे पार्टी के संगठनात्मक से लेकर बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति भी बनी। बृहस्पतिवार को अंतिम दिन बैठक में आए प्रस्तावों और सुझावों का फाइनल मसौदा तैयार कर कोर कमेटी इस पर अपनी मुहर लगाएगी। विचार मंथन शिविर के दूसरे दिन कोर कमेटी के सदस्य बंद कमरे में बैठे और एक-एककर तमाम कमेटियों के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर सुझावों पर चर्चा की। शुरुआत सुबह 10 बजे प्रदेश कांग्रेस कोर कमेटी पर विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ हुई। यह बैठक शाम चार बजे तक चली। इस बीच केवल भोजनावकाश के लिए कोर कमेटी के सदस्य बंद कमरे से बाहर निकले। इसके बाद शाम चार से पांच बजे तक प्रदेश महिला कांग्रेस एवं प्रदेश सेवा दल के साथ बैठक आयोजित की गई।

इसमें सेवा दल के सदस्यों ने पार्टी संगठनात्मक स्तर पर अनुशासन नीतियों पर बल दिया। इसके बाद शाम करीब पांच बजे अनुसूचित जाति, जनजाति विभाग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिसमें समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर चर्चा की गई। इसके अलावा समाज के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में पार्टी से कैसे जोड़ा जाए, इन मुद्दों पर एक पूरा रोड मैप तैयार करने को लेकर सुझाव दिए गए। इसके बाद करीब आधे घंटे का समय एनएसयूआई एवं युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों को दिया गया। जिसमें पार्टी की रणनीतियों से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने के मुद्दों पर चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि राज्य में युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों की श्रंखलाबद्ध रूपरेखा तैयार कर युवाओं के बीच पहुंचा जाए। जितने युवा पार्टी के साथ जुड़ेंगे, पार्टी उतनी ही मजबूत होगी। इसके बाद कोर कमेटी के सदस्यों ने प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष, महामंत्री, विशेष आमंत्रित सदस्यों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों की ओर से तमाम सुझाव पटल पर रखे गए। संगठनात्मक स्तर पर कैसे पार्टी को मजबूत किया जाए, इस पर चर्चा की गई। कुछ पदाधिकारियों की ओर से लिखित में भी सुझाव दिए गए।


बैठक में कोर कमेटी अध्यक्ष देवेंद्र याद, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष व पूर्व सीएम हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, सह प्रभारी राजेश धर्माणी, दीपिका पांडे, कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. जीत राम, भुवन कापड़ी, तिलक राज बेहड़, रंजीत रावत सह प्रभारी राजेश धर्माणी, दीपिका पांडे, एआईसीसी की मीडिया प्रभारी जरिता लेत्फलांग, पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक काजी निजामुद्दीन, उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा, धीरेंद्र प्रताप, राजकुमार  प्रकाश जोशी, नवप्रभात, मयूख महर, ममता राकेश, आर्येद्र शर्मा, शूरवीर सिंह सजवाण, नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना प्रकाश रतूड़ी, प्रदेश महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, डॉ. केएस राणा, महिला जिलाध्यक्ष मधु सेमवाल, ब्लाक अध्यक्ष ऋषिकेश बरफ सिंह पोखरियाल, नंद किशोर जाटव, मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, राजेश चमोली, राव अफाक आदि मौजूद थे।

कोविड के कारण राजनीति गतिविधियां भी हुईं प्रभावित

कांग्रेस के विचार मंथर शिविर में राज्य की सभी विधानसभाओं की सिलसिलेवार समीक्षा की गई। इस दौरान सामने आया कि कोविड-19 के कारण राजनीतिक गतिविधियों पर लगी रोक से हुई क्षति पहुंची है। इसकी भरपाई के लिए राज्य की सभी विधानसभा के ब्लॉक और जिले के आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। जिसके अंतर्गत राज्य की ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का गठन, कार्य  विभाजन, बूथ कमेटी का गठन, महत्वपूर्ण नेताओं की सूची, आईटी सेल कमेटी का गठन किए जाने के अतिरिक्त सभी 70 विधानसभाओं में सचिव ब्लॉक, अध्यक्ष और जिला अध्यक्षों से लगातार संपर्क कर एक कमेटी के सदस्यों को 6 से 10 विधानसभाओं की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी के साथ यह भी तय किया गया कि सचिव के माध्यम से विधानसभा और ब्लॉक स्तर के कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की भागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा। यह कमेटियां सामूहिक नेतृत्व की ओर से तय किए गए गए कार्यक्रमों का डाटा भी एकत्रित करेंगी, जिसके अंतर्गत जनता के बीच किए जाने वाले कार्यों का मूल्यांकन भी किया जाएगा। जिसमें एआईसीसी की ओर से भेजे गए पदाधिकारियों, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस आदि के कार्य भी शामिल रहेंगे।