May 18, 2022 12:33 pm

कर्नल कोठियाल के समर्थन में आए कई रिटायर्ड सैन्य अधिकारी बोले – कर्नल कोठियाल में है वास्तविक उत्तराखंडियत का भाव

देहरादून: राजधानी में उत्तराखंड के सेवानिवृत और भूतपूर्व वरिष्ठ सेना अधिकारियों की मौजूदगी में राष्ट्रवाद पर अहम चर्चा का आयोजन किया गया. जहां कर्नल अजय कोठियाल को उनकी राजनीतिक पारी के लिए सभी गणमान्य सेवानिवृत सेना अधिकारियों ने उन्हें शुभकामनायें दी. कार्यक्रम में उपस्थित सभी भूतपूर्व वरिष्ठ सेना अधिकारियों ने एकमत से उत्तराखंड की राजनीतिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कर्नल कोठियाल के राजनीति में आने के फैसले को सराहा व समर्थन दिया। ब्रिगेडियर (सेनि.) सर्वेश डंगवाल ने उत्तराखंड के मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए कहा कि कर्नल कोठियाल ने राजनीति में आने का एक साहसिक फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि कर्नल कोठियाल जिस तरह से उत्तराखंड के गांव-गांव घूमकर लोगों से संवाद कर रहे हैं, उनकी समस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, वो उनकी उत्तराखंडियत को दर्शाता है।

ब्रिगेडियर (सेनि.) पटवाल ने कहा की आजकल राष्ट्रवाद की परिभाषा बदल गई है. वोटर को राजनीतिक दल हिन्दू-मुस्लिम में लड़वाकर उसे राष्ट्रवाद कहते हैं. लेकिन असली राष्ट्रवाद की परिभाषा सबके लिए अलग-लग है. उन्होंने कहा कि उनके लिए राष्ट्रवाद आर्थिकी है, अच्छी शिक्षा है, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का होना है. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ब्रिगेडियर (सेनि.) पटवाल ने कहा कि आजकल राजनीतिक दलों से लोग दूरियाँ बनाने लगे हैं लेकिन आम आदमी पार्टी उन सबसे अलग है. एक अलग विचारधारा की पार्टी है. ‘आप’ की दिल्ली सरकार ने एक मिसाल पेश की है. शिक्षा और स्वास्थ्य के सेक्टर में दिल्ली सरकार ने जो कुछ किया है वो उन्हें अलग बनाती है. कर्नल कोठियाल को शुभकामनाएँ देते हुए ब्रिगेडियर (सेनि.) पेटवाल ने कहा कि अब वोटर को समझना होगा कि उसे टाइपकास्ट पॉलिटिक्स  ही देखनी है या उसे बदलाव चाहिए ।

जनरल (सेनि.) चक्रवर्ती ने कहा कि जिस जोश और जज्बे के साथ कर्नल कोठियाल ने देश सेवा की है, उसी जोश के साथ वे उत्तराखंड की भी सेवा करेंगे और वे कामना करते हैं कि वे अपनी राजनीतिक पथ पर भी जीत की इबारत लिखेंगे। वहीं कर्नल अजय कोठियाल ने सभा को संबोधित करते हुए सभी पूर्व वरिष्ठ सेना अधिकारियों को उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा की उनके समर्थन से उनका जोश बढ़ता है. कर्नल कोठियाल ने कहा कि उन्होंने यूथ फाउंडेशन के जरिए जब रोजगार उत्पन्न किए तो उन्हें महसूस हुआ कि वे इस काम को सरकार का हिस्सा होकर ही बढ़ा सकते हैं, इसलिए उन्होंने राजनीति के मैदान में उतरने का फैसला लिया. कर्नल कोठियाल ने बताया कि उनके पास राजनीति में आने के लिए राष्ट्रीय पार्टियां कांग्रेस और भाजपा दोनों के विकल्प मौजूद थे. लेकिन कहीं ना कहीं उनके मन में उत्तराखंड के लिए कुछ बेहतर करने के अपने प्लान थे जिसे राष्ट्रीय पार्टियां अड़ंगे लगाती क्योंकि उत्तराखंड की सरकार दिल्ली से चलती है. आम आदमी पार्टी ने उनपर भरोसा जताते हुए उत्तराखंड को एक उन्नत राज्य बनाने के लिए एप्रोच किया जिसे उन्होंने स्वीकारा।

सभा में उपस्थित पूर्व अधिकारियों ने उदगार व्यक्त करते हुए अपने कर्नल कोठियाल के समर्थन में अपने विचार रखे. पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कर्नल कोठियाल से उम्मीद व्यक्त की कि वे अपने और नेतृत्व में उत्तराखंड की सियासत को एक नयी दिशा देंगे.