May 16, 2022 10:37 am

उत्तराखंड मे जमीन खरीदने के बाद घर बैठे होगा दाखिल खारिज, जानिये कैसे होगा अब दाखिल खारिज ?

देहरादून: आपने जितनी मेहनत से जमीन खरीदी, उससे ज्यादा पसीना आपने उसका दाखिल खारिज कराने में बहाया, लेकिन अब आपको इतनी मशक्कत नहीं करनी होगी। जमीन खरीदने के बाद सीधे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करो और ऑनलाइन ही आपको दाखिल खारिज (म्यूटेशन) घर बैठे मिल जाएगा। शहरी विकास निदेशालय ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए भी नगर निकायों से टीमें बुलाकर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सहायक निदेशक विनोद कुमार आर्य का कहना है निदेशालय पहले सभी नगर निकायों में प्रशिक्षण का काम पूरा करेगा। इसके बाद आम जनता के लिए यह सुविधा ऑनलाइन कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जो भी दिक्कतें आएंगी, उनमें भी जल्द ही सुधार कर लिया जाएगा। प्रशिक्षण का कार्यक्रम अंतिम चरण में हैं। एक-दो दिन में ट्रेनिंग पूर्ण हो जाएगी।


ऐसे होगा दाखिल खारिज

अगर आप प्रदेश के किसी भी नगर निकाय क्षेत्र में जमीन खरीदते हैं तो उसके दाखिल खारिज के लिए अब आपको निकाय के चक्कर नहीं काटने होंगे। न ही दलालों को अलग से पैसा देना होगा। आप शहरी विकास निदेशालय की वेबसाइट पर जाएंगे।
घर बैठे ही यहां ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद संबंधित निकाय की टीम इस जमीन की खरीद-फरोख्त का वेरिफिकेशन करेगी। इसके बाद जमीन खरीदने वाले को एक लिंक उनके मोबाइल नंबर पर चला जाएगा। इस लिंक पर क्लिक कर वह ऑनलाइन दाखिल खारिज का शुल्क जमा करा सकेंगे। शुल्क जमा होने के बाद ऑनलाइन ही उनका दाखिल खारिज जारी कर दिया जाएगा। एक बार यह प्रक्रिया अपनाने वाला व्यक्ति 20 साल बाद भी दाखिल खारिज हासिल कर सकेगा।

जमीन खरीदने पर यह दस्तावेज देने होंगे

अगर किसी ने नगर क्षेत्र में जमीन खरीदी है तो उसके दाखिल खारिज का ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उन्हें सेल डीड की फोटो, रजिस्ट्री की फोटो, रजिस्ट्री का नंबर, बेचने वाले और खरीदने वाले की आईडी प्रूफ के फोटो वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। सभी तरह की जमीनों के लिए अलग-अलग दस्तावेज का प्रावधान किया गया है।

सरकार दाखिल खारिज की पूरी प्रक्रिया को नगर निकायों में ऑनलाइन करने जा रही है। हमने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। प्रशिक्षण भी खत्म होने को है। पहले कुछ दिन का ट्रायल चलेगा। इसके बाद इसे पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। लोगों को घर बैठे दाखिल खारिज मिलेंगे।

कमलेश मेहता, संयुक्त निदेशक, शहरी विकास निदेशालय