May 22, 2022 12:58 am

झारखंड; मानवाधिकार हनन पर अब काम नहीं करेगी पुलिस की कोई दलील,  थानों में कानूनी सलाह देंगे झालसा के वकील

रांची: झारखंड के थानों में अब आम आवाम  की मदद के लिए वकील प्रतिनियुक्त किए जाएंगे। वकील झारखंड स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी (झालसा) के पैनल एडवोकेट होंगे, जो थानों में हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार किए गए लोगों को फौरी तौर पर कानूनी मदद मुहैया कराएंगे।  ”झालसा”  ने अपने 96 पैनल वकीलों को थानों में डेप्यूट करने का फैसला लिया  है। झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने इस सम्बंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले का मकसद  थानों में मानवाधिकार हनन के मामलों की रोकथाम कर मानवाधिकार का पालन कराना है, अगर थानों में पूछताछ और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ बदसलूकी होती है तो ऐसे  मामले में सम्बंधित थाना प्रभारी भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं पाएंगे।

इस आदेश में सभी जिलों के विधिक सेवा प्राधिकार को इसे लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत थानों, सिविल कोर्ट, जेल जैसी जगहों पर जानकारी के बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों में संविधान में दिए  कानूनी अधिकारों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। झालसा के मुताबिक पूछताछ या फिर किसी जुर्म में गिरफ्तार शख्स को कानूनी सुविधा से दूर नहीं रखा  जा सकता है। इसके अतिरिक्त थाने लाए गए किसी व्यक्ति को फोन पर किसी से बातचीत करने से रोकना भी कानून की नज़र में अपराध है।