May 18, 2022 12:46 pm

पहाड़ों की रानी मसूरी से गहरा नाता था पूर्व  प्रधानमंत्री  स्व0  राजीव गांधी  का, पढ़िये ये खबर…

देहरादून: आधुनिक भारत का सपना सच करने के लिए स्व राजीव गाँधी को याद करते हुए पूर्व  विधायक जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि संचार क्रांति  औऱ  पंचायती राज एक्ट  की कल्पना औऱ उसे धरातल में उतारने के लिए  पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री राजीव गांधी को हमेशा याद किया जएगा। राजीव गांधी   चाहते थे कि सत्ता में  गाँव की भागीदारी सुनिश्चित की जाय औऱ उन्होंने पंचायतों के महत्व को समझते हुए इसे औऱ मझबूत करने के लिए  बहुत काम किया राजीव जानते थे कि जब तक गाँव की  इकाई को  मजबूत नही किया जाएगा तब तक सही मायने  देश का विकास सम्भव नही है । क्यों कि एक बार राजीव गांधी ने  अपने भाषण में इस बात का जिक्र भी किया था  कि हम एक रुपया भेझते है तो गाँव तक पहुचने तक वह सिर्फ 10 पैसे बच जाते हैं इसलिए पंचायतों को मझबूत करने के लिए उन्होंने सीधे  ग्राम सभाओं  के खाते में  धन की  ब्यवस्था सुनिश्चित की थी  औऱ  ग्राम पंचायतों को एक छोटी  इकाई को मजबूत करने का  निर्णय लिया था जिससे  गाँव के विकास में आम ब्यक्ति की  भूमिका निश्चित हुई ।

सूचना प्रोधोगिकी के जनक  राजीव गांधी  ने ही आधुनिक भारत का सपना देखा था। राजीव चाहते थे कि भारत की आने वालों पीढ़िया   कम्प्यूटर  औऱ  सूचना क्रांति मे ,अपना परचम लहराए, आज  भारत ने इस छेत्र में जितनी भी तरक़्क़ी की है उसमें स्व राजीव गाँधी के योग दान को बुलाया नही जा सकता ,  राजीव गांधी की   जन्मतिथि पर  याद करते हुए  जोतसिंह गुनसोला ने उन्हें याद करते हुए कहा कि राजीव जैसी शख्सियत  एक युग मे जन्म लेती है,, सही मायने  लोकतंत्र  को मझबूत करने औऱ विपक्ष को सुनने में  भी उनकी कामाल की सहन शीलता  थी ,अपने विरोधियों की बात को भी वह उतनी  गम्भीरता से लेते थे जितनी की अपने सहयोगियों की, मसूरी भी वह कई बार आते थे ,  तो कभी कोई बड़ा ताम झाम उनके साथ नही होता था  वह लोगो  से एक  सामान्य ब्यक्ति की तरह मिलते थे  औऱ उनके चेहरे पर हमेशा एक मधुर मुस्कान रहती थी।

बरिष्ट पत्रकार  विजेंद्र पुंडीर ने बताया कि एक बार  राजीव गांधी   की गाड़ी  मलिंगार की ढाल पर फस गई थी उसमें उनके मित्र  भी थे , राजीव  खुद ही गाड़ी ड्राइव कर रहे थे , गाड़ी फंसने पर वह उतर कर हमारे पास आए  बहुत ही शालीनता के साथ   गाड़ी को निकालने के लिए हम से मदद मांगी  फिर हम सब ने उनकी गाड़ी को निकालने में मदद की , राजीव को उस वक्त पहचान नही पाए उन्होंने हमें  धन्यवाद करते हुए कहा  कि आप लोगों ने मुझे नही पहचाना मैं राजीव गांधी हु । प्रधानमंत्री इंदिरा  गाँधी का बेटा  ,  आप की मदद के लिए  शुक्रिया  ,और हसंते हुए गाड़ी आगे बढ़ा दी ऐसा ब्यक्तित्व था राजीव गाँधी का।

रिपोर्ट :- उपेंद्र लेखवार, मसूरी