पूरे देश मे मनाया जा रहा है रक्षाबंधन का पर्व,  जानें शुभ मुहूर्त एवं राखी मंत्र

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न्यूज़ डेस्क: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आज सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। आज 22 अगस्त 2021 और दिन रविवार है। आज पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। आज बहनें अपने भाइयों को राखी बांध रही हैं और उनसे रक्षा का वचन ले रही हैं। साथ ही भाइयों के दीर्घ और सुखी जीवन की कामना भी कर रही हैं। आज दो शुभ योग बन रहे हैं। पहला शोभन योग जो सुबह साढ़े दस बजे तक है और दूसरा धनिष्ठा नक्षत्र, जो आज शाम 07:40 बजे तक है। आज राखी का पर्व भद्रा रहित है। आज के पंचांग में राखी का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, चंद्रोदय, सूर्यास्त, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

आज का पंचांग

दिन: रविवार, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा तिथि।

आज का दिशाशूल: पश्चिम।

आज का राहुकाल: शाम 04:30 बजे से 06:00 बजे तक।

आज की भद्रा: प्रात: 06:14 बजे तक।

आज का पर्व एवं त्योहार: श्रावणी पूर्णिमा, रक्षाबंधन, ऋषि तर्पण।

विशेष: संस्कृत दिवस, गजकेसरी योग।

पंचक: प्रात: 07:57 बजे से प्रारंभ, 26 अगस्त को रात्रि के 10:29 बजे पर समाप्त।

विक्रम संवत 2078 शके 1943 दक्षिणायन, उत्तरगोल, वर्षा ऋतु श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 17 घंटे 32 मिनट तक, तत्पश्चात् प्रतिपदा धनिष्ठा नक्षत्र 19 घंटे 40 मिनट तक, तत्पश्चात् शतभिषा नक्षत्र शोभन योग 10 घंटे 33 मिनट तक, तत्पश्चात् अतिगण्ड योग मकर में चंद्रमा 07 घंटे 57 मिनट तक तत्पश्चात् कुंभ में।

रक्षाबंधन 2021 मुहूर्त

आज सुबह 06:15 बजे से शाम को 05:31 बजे तक।

राखी बांधने के लिए दोपहर का समय: 01:42 बजे से शाम 04:18 बजे तक।

आज का शुभ समय

अभिजित मुहूर्त: आज दिन में 11 बजकर 58 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 34 मिनट से दोपहर 03 बजकर 26 मिनट तक।

अमृत काल: आज सुबह 09 बजकर 34 मिनट से दिन में 11 बजकर 07 मिनट तक।

राखी बांधने का मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।

तेन त्वामनुबध्नाभि रक्षे मा चल मा चल।।

सूर्योदय और सूर्यास्त

आज के दिन सूर्योदय प्रात:काल 05 बजकर 54 मिनट पर हुआ है, वहीं सूर्यास्त शाम को 06 बजकर 53 मिनट पर होगा।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

आज का चंद्रोदय शाम 07 बजकर 10 मिनट पर होना है। चंद्र के अस्त का समय प्राप्त नहीं है।

आज सावन शुक्ल पूर्णिमा है। आज रविवार के दिन सूर्य पूजा और सूर्य देव के मंत्रों का जाप करना उत्तम होता है। आज आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।

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