May 18, 2022 11:51 am

धीरेंद्र ने टाला आग्रह पर सत्याग्रह: आंदोलनकारियों का अल्टीमेटम- सत्र में वादा पूरा करे सरकार- वरना 2 सितम्बर को आंदोलनकारियों का “धिक्कार ” झेलने को रहे तैयार।

देहरादून: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के झंडे तले देहरादून शहीद स्मारक में  विभिन्न राज्य आंदोलनकारी संगठनों की बैठक   करीब 3 घंटा लंबी चली । इस  मैराथन बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार को 23 अगस्त से शुरू होने वाले  विधान सभा सत्र में विरोध प्रदर्शनों से सशर्त राहत देने का ऐलान किया। आंदोलनकारियों ने उम्मीद जताई कि  इस राहत के बदले  सरकार सोमवार से शुरू हो रहे  विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री  आंदोलनकारियों से किए  10% क्षैतिज आरक्षण और समान पेंशन दिए जाने के अपने  वायदे को पूरा करेगी हालांकि राज्य निर्माण आंदोलनकारियों ने टूक कहा कि अगर सरकार ने वादाखिलाफी की  तो उसे तगड़े विरोध का सामना करने को तैयार रहना चाहिए। राज्य आंदोलनकारियों ने साफ चेताया कि अगर  सरकार वायदे से मुक़री  तो  2 सितंबर को  राज्य भर के राज्य निर्माण आंदोलनकारी  खटीमा कांड की  2 सितंबर को मनाए जाने वाली  पुण्यतिथि पर राज्य भर में न सिर्फ सरकार के खिलाफ  “धिक्कार दिवस” मनाएंगे बल्कि समूचे सूबे  में सड़क पर उतरकर  विरोध प्रदर्शन भी करेंगे।

चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी के मुताबिक  उन्हें भरोसा  है सरकार अपने शब्दों पर कायम रहेगी । विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह ने भी आंदोलनकारियों के सवालों को सदन में उठाने का वायदा किया है लिहाजा  आंदोलनकारी नेताओं ने सरकार और प्रतिपक्ष दोनों पर भरोसा  जताते हुए अपने 23 अगस्त को होने वाले राज्य सरकार विरोधी सत्याग्रह  ऐलान  वापस लेकर एक सितंबर को मसूरी कांड दिवस तक कोई भी विरोध प्रदर्शन नहीं करने का फैसला किया है।

धीरेंद्र प्रताप, जगमोहन नेगी और प्रदीप कुकरेती के अनुसार हालांकि  राज्य आंदोलनकारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी के आंदोलनकारी की  मांगों पर सदभावना पूर्वक विचार किए जाने के आश्वासन को देखते हुए आंदोलनकारियों ने 1 सितंबर तक सब्र रखने का फ़ैसला लिया है। राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि  सरकार अपने वायदे पर खरा उतरेगी और आंदोलनकारियों के सड़कों पर उतरने की नौबत नहीं आएगी।

इस मौके पर राज्य भर से आए प्रमुख राज्य निर्माण आंदोलनकारी नेताओ जिनमें धीरेंद्र प्रताप जगमोहन नेगी, रामलाल खंडूरी ,प्रदीप  कुकरेती, अंबुज शर्मा ,वेद प्रकाश शर्मा, रेनू नेगी सुलोचना भट्ट ,नरेंद्र सोठियाल ,मोहन सिंह रावत ,डीएस गुसाईं ,सतीश जोशी, पी लिंगवाल,  बिशंबर बौठियाल, वीरेंद्र  पोखरियाल,  कमला  बमोला समेत अनेकों लोग शामिल थे। सभी ने सर्वसम्मति से आगामी 1 सितंबर को जाने-माने राज्य निर्माण आंदोलनकारी  रंजीत सिंह वर्मा की याद में स्मृति दिवस मनाने का भी  फैसला किया।  बैठक के बाद में बड़ी संख्या में महिला आंदोलनकारियों ने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी धीरेंद्र प्रताप ,जगमोहन नेगी, प्रदीप कुकरेती ,सतीश जोशी, वेद प्रकाश शर्मा ,नरेंद्र नौटियाल ,वीरेंद्र पोखरियाल आदि को रक्षाबंधन के रक्षा सूत्र बांधकर उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन कार्यों के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।