May 22, 2022 1:09 am

त्रिमूर्ति , 3 मांग, 3 घण्टे सत्याग्रह : ओबीसी,सख्त भू कानून,जंगलों के हक-हकूक पर हरदा,किशोर और धीरेन्द का प्रहार-कहा अधिकार का हनन कर रही है सरकार।

देहरादून: उत्तराखंडी को ओबीसी घोषित किए जाने, राज्य में सख्त भू कानून लागू करने और राज्य के नागरिकों को उनके जंगलों के हक हकूक दिए जाने को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के तीन दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व मंत्री किशोर उपाध्याय और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप आज अनेक लोगों के साथ विधानसभा के सामने पहुंचे और तीन मांगों को लेकर करीब 3 घंटे सत्याग्रह किया।


इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किशोर उपाध्याय द्वारा उठाई जा रही मांग का समर्थन किया , वही धीरेंद्र प्रताप के साथ बड़ी संख्या में राज्य निर्माण आंदोलनकारियों ने भी उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए नए कानूनों को बनाया जाना जरूरी बताया।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एस एन सचान, कांग्रेस नेत्री शांति रावत, मनीष कुमार , नरेंद्र सोटियाल, संग्राम सिंह गुलफाम ,, खुशाल सिंह रामगढ़ ,कांग्रेस प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, नगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा समेत तमाम नेताओं ने सत्याग्रह में शिरकत करते हुए राज्य सरकार की इस बात को लेकर आलोचना की, कि उसने आज हुए सत्याग्रह के दौरान उसके नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया। सरकार के इस कदम को उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया।

इस मौके पर धीरेंद्र प्रताप ने फिर चेताया कि अगर राज्य सरकार ने 1 सितंबर तक भी उत्तराखंड आंदोलनकारियों की 10% क्षेतिज आरक्षण और सम्मान पेंशन की मांग को नहीं माना तो तमाम राज्य आंदोलनकार‌कारी 2 सितंबर को राज्य भर में धिक्कार दिवस मनाएंगे और हर जिले में सरकार का पुतला फूँकर अपना विरोध जाहिर करेंगे।