May 27, 2022 9:04 am

क्या हानिकारक नहीं होगा 1st से 6th तक के स्कूल खोलना ?

देहरादून: उत्तराखंड में छठीं से बारहवीं तक के स्कूल संचालित होने के बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि राज्य सरकार पहली से पांचवीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति भी देगी। एक ओर कोरोना की तीसरी लहर की आशंका है और इसी आशंका के बीच में उत्तराखंड में स्कूलों का संचालन हो रहा है। पहले चरण में नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल 2 अगस्त से खोले गए। 16 अगस्त से छठीं से आठवीं तक के स्कूल भी संचालित किए जाने लगे। ऐसे में सूत्रों का मानना था कि उत्तराखंड सरकार जल्द ही पहली से पांचवी तक के स्कूल खोलने की अनुमति भी दे सकती है। निजी स्कूल के संचालक का मानना है कि प्रदेश सरकार को पहली से पांचवी तक के स्कूल भी खोल देने चाहिए। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे अगर निजी स्कूल के संचालकों के विचारों से सहमत हो गए तो जल्द ही उत्तराखंड में पहली से पांचवी तक के छात्रों के स्कूल भी संचालित होने शुरू हो जाएंगे। उत्तराखंड में जूनियर स्कूलों को खोले जाने पर सरकार मंथन जरूर कर रही है। हालांकि अभी तक सरकार ने जूनियर स्कूलों को खोलने के कोई भी संकेत नहीं दिए हैं और यह तय है कि सरकार अभी पहली से पांचवी क्लास को खोलने की अनुमति नहीं दे रही है।

बताया जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित करेगी। ऐसे में जूनियर स्कूलों को खोलना हानिकारक साबित हो सकता है। प्राइवेट स्कूल से जुड़े कई प्रबंधकों की मांग है कि सभी कक्षाओं को खोल दिया जाए मगर सरकार अभी इस पर सहमति बनाती हुई नजर नहीं आ रही है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने यह साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभी जूनियर स्कूलों को खोलने का निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के बाद ही शिक्षा विभाग जूनियर स्कूलों को खोलने का आदेश जारी कर सकता है। ऐसे में उन्होंने यह साफ कर दिया है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से जूनियर स्कूलों को खोले जाने की कोई गाइडलाइन जारी नहीं होगी तब तक राज्य में पहले से पांचवीं कक्षा के स्कूल ऑनलाइन ही संचालित किए जाएंगे।