May 27, 2022 9:38 am

जनता की दिक्कतों पर दून DM की पहल: पोस्टमार्टम पर SDM और सिटी मजिस्ट्रेट भी ले सकेंगे फैसला

देहरादून: राजधानी दून में अब परिजनों के मृतक का पोस्टमार्टम न कराने संबंधी अनुरोध पर एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट फैसला ले सकेंगे। अब तक जिलाधिकारी को ही इसका निर्णय लेने का अधिकार है। इसकी लंबी प्रक्रिया के कारण कई बार परिजनों को खासा परेशान होना पड़ता है। इसको देखते हुए डीएम डॉ. आर राजेश कुुमार ने एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है।

कई बार किसी की मृत्यु होने पर उनके परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं होते हैं। परिजन जिलाधिकारी से पीएम न कराने का अनुरोध करते हैं। इस मामले में संबंधित थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी फैसला लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शहर आकर जिलाधिकारी के सामने अपना पक्ष रखना होता है। इसके कारण मृतक के परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर ही अनुमति दिए जाने की व्यवस्था बनाई है। उन्होंने बताया कि जनहित में अतिरिक्त जांच अधिकारी या थानाध्यक्ष की रिपोर्ट, क्षेत्राधिकारी की सहमति के बाद स्थानीय स्तर पर ही निर्णय लिया जा सकेगा।

मृतक के परिजनों की कम होगी परेशानी

यह व्यवस्था लागू होने के बाद दूरस्थ क्षेत्रों के मृतकों के परिजनों की परेशानी कम होगी। विशेषकर चकराता, कालसी, त्यूनी, मसूरी, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला क्षेत्र के लोगों को इस फैसले से कुछ राहत मिलेगी। अभी ऐसी स्थिति में उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय आना होता है। कई बार जिलाधिकारी के व्यस्त होने या बाहर होने के कारण उन्हें परेशान होकर इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने पावर डेलिगेट की है।