May 21, 2022 2:51 am

5 तोले का मंगलसूत्र बना भैंस का निवाला-डॉक्टर ने सर्जरी कर पेट से निकाला, पढ़िए मंगलसूत्र के महिला के गले से भैंस के पेट तक पहुंचने की पूरी कहानी…

सतारा: एक कहावत है कि खेत खाये गधा, मार खाए जुलाहा ।  महाराष्ट्र के सतारा जिले के मांडवे गांव में एक भैंस के साथ सेम तो सेम ऐसा ही हुआ, भैस को चुकानी पड़ गई  एक महिला की नासमझी की कीमत | दरअसल  साधना पाटील नाम की महिला रक्षाबंधन पर अपने भाई सुनील  के घर आई हुई थी | भाई के गांव मांडवे में आये  दिन हो रही थी चोरियां और चोरियों  की  खबर सुन डर के मारे  सुनीता  की हालत पतली हो  गई , अब चूंकि सुनीता  ने पांच तोले का मंगलसूत्र पहना हुआ था  लिहाजा  उसे अपने मंगलसूत्र चोरी हो जाने का डर परेशान करने लगा |   मंगलसूत्र को चोरी से बचाना था, इसके लिए   एक ज़बरदस्त आइडिया सुनीता के   दिमाग में  आया।  उसने होशियारी दिखाते हुए रात में सबसे छुप छुपाकर  भैंस के चारे में मंगलसूत्र छिपा दिया ,  मंगलसूत्र चोरी होने का डर खत्म हो चुका था लिहाजा सुनीता बेफिक्र  होकर  सो गई | सुबह हुई उठते के साथ सुनीता को अपने मंगलसूत्र की याद आई | वो सीधे भैंस के तबेले की ओर  भागी,  तबेले में जाकर उसने  चारे को छान मारा  लेकिन उसे  अपना पांच तोले वाला मंगलसूत्र कही नहीं मिला | मिलता भी कैसे महिला चारा तो भैंस खा चुकी थी |  चारे के साथ भैंस  डेढ़ लाख रुपये का मंगलसूत्र भी पेट में उतार चुकी थी।

सुनीता सर पकड़कर बैठी थी, बहन को परेशान देखकर भाई ने लोगों से सलाह-मशवरा किया  कि भैंस के पेट से आखिर  मंगलसूत्र कैसे निकाला जाए | गांव के बुजुर्गों  ने कहा  भैंस के गोबर करने का इंतज़ार किया जाए , गोबर के साथ मंगलसूत्र भी निकल आएगा | लेकिन साधना को टेंशन ज्यादा था वो भैंस के गोबर करने तक इंतजार नहीं कर सकती थी |  उसे लगा पता भैंस कब गोबर करेगी और जब करेगी तो गोबर में  मंगलसूत्र निकलेगा भी या नहीं ? बहन की फिक्र देख भाई ने जानवरों के डॉक्टर को बुलवा लिया |  सुनीता को मंगलसूत्र जल्द से जल्द चाहिए था , भैंस के गोबर करने का इंतज़ार उसे करना नहीं था, यहां तक कि सुनीता इतनी जल्दबाजी में थी वो भैस के पेट के एक्सरे के लिए भी तैयार नहीं हुई , इसलिए डॉक्टर को भी उसकी बात मानते हुए भैंस के पेट  की सर्जरी करनी पड़ी, सर्जरी सफल रही और मंगलसूत्र  बाहर निकाल लिया गया | मंगलसूत्र पाकर  सुनीता  तो खुश के मारे उछलने लगी, लेकिन बेचारी बेजुबान भैंस , सुनीता की नासमझी के चक्कर में  उसे अपना पेट चिरवाना पड़ा | खैर अच्छी बात ये रही कि भैंस सर्जरी के बाद जल्द स्वस्थ हो गई।