8 साल का  ऑटो ड्राइवर   गोपाल- माँ, बाप आँखों से लाचार-मासूम कंधो पर पूरे परिवार का भार, पढ़िये गोपाल की दर्द भरी पूरी दास्तान….

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हैदराबाद:  मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। जी हाँ ये बात बिलकुल सच है। आज आपको हम एक ऐसे ही मासूम की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने इस कहावत को चरितार्थ कर दिया है। दरअसल आंध्र प्रदेश के चित्तूर में रहने वाले 8 साल के बच्चे के कंधों पर माता-पिता सहित पूरे परिवार का भार आ चुका है और इस भार से बच्चा भी पीछे नहीं हटा। दरअसल बच्चे के माँ-बाप आँखों से नहीं देख सकते हैं। इसलिए बच्चे ने परिवार का खर्च चलाने के लिए काम करने का फैसला किया और इलेक्ट्रिक ऑटो चलाना शुरू कर दिया। गोपाल की उम्र अभी महज 8 साल है। कानून के मुताबिक इस उम्र में वह गाड़ी नहीं चला सकता है। इसलिए उसे ऑटो चलाते हुए एक बार पुलिस ने पकड़ लिया था। लेकिन जब गोपाल ने अपनी पूरी कहानी पुलिस को बताई तब पुलिस ने रहम दिखते हुए उसे छोड़ दिया। हालांकि पुलिस ने वादा लिया कि वह ऑटो नहीं चलाएगा कोई और काम करेगा मगर मजबूरी के आगे बेबस गोपाल ने वहां तो हां कर दिया, और वहाँ से छूटने के बाद भी ऑटो चलाना जारी रखा।

दुकान पर बैठते हैं माता-पिता

गोपाल कृष्ण के माता-पिता चित्तूर के चंद्रगिरि में सब्जियों और किराने की दुकान चलाते हैं। हालांकि दुकान बहुत छोटी है और कमाई भी ज्यादा नहीं होती है। इसलिए खर्च चलाने के लिए बच्चा ही ऑटो चलाता है। गोपाल तीसरी कक्षा में पढ़ता है। उसने अपना और परिवार का पेट भरने के लिए ऑटो चलाने का फैसला किया। लेकिन अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। वह घर में सबसे बड़ा है। पढ़ाई के बाद जो वक्त बचता है उसमें ऑटो चलाकर पैसे कमाता है। और परिवार का खर्च चलाता है।

स्कूल की ड्रेस में ही चलाता है ऑटो

गोपाल कृष्ण का फिक्स रूटीन है कि वह हर दिन स्कूल की ड्रेस में सबसे पहले ऑटो से माता-पिता को दुकान पर छोड़ता है। इसके बाद अपना काम शुरू करता है। गोपाल कृष्ण ने बताया की पढ़ाई के बाद मैं अपने माता-पिता को ऑटो में ले जाता हूं। बड़ा बेटा होने की वजह से परिवार की मदद करना मेरी जिम्मेदारी है।

हमारे तीन बेटे हैं, बड़ा बेटा मदद कर रहा”

गोपाल के पिता रेड्डी के मुताबिक वह और उनकी पत्नी देख नहीं सकते हैं। दोनों ही नेत्रहीन हैं। उन्होने बताया की उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा गोपाल पढ़ाई के बाद पैसे कमाने में हमारी मदद करता है। वहीं गोपाल की मां पार्वती ने सरकार से आर्थिक मदद की अपील की। गोपाल की मां ने कहा, हम चाहते हैं कि सरकार हमारी पेंशन बढ़ाए। अभी हमें सिर्फ 3000 रुपए मिलते हैं। अगर सरकार हमारी मदद करेगी तो हम अपने बच्चों को पढ़ा सकेंगे। वो ऑटो चलाने के लिये मजबूर नहीं होगा।

 

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