May 22, 2022 12:58 am

ब्लड प्रेशर से लेकर तनाव तक कम करता है तुलसी का पानी, जानिए सुबह खाली पेट तुलसी का पानी पीने के फायदे

न्यूज़ डेस्क: भारतीय संस्कृति में तुलसी का महत्व बहुत ज्यादा है। तुलसी के बिन घर का आंगन अधूरा लगता है। औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी सेहत का खज़ाना है जिससे कई बीमारियों का उपचार किया जाता है। तुलसी ना सिर्फ इम्यूनिटी को इंप्रूव करती है, बल्कि सर्दी-जुकाम से भी निजात दिलाती है। पाचन संबंधी समस्याओं का बेहतरीन इलाज है तुलसी। तुलसी अनियमित पीरियड्स की समस्या से निजात दिलाती है, साथ ही चेहरे पर चमक भी लाती है। तुलसी का इस्तेमाल अगर खाली पेट किया जाए तो उससे कई तरह की बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। आइए जानते हैं खाली पेट तुलसी का इस्तेमाल करने से सेहत को कौन-कौन से फायदे हो सकते हैं।

सुबह खाली पेट तुलसी का पानी पीने के फायदे:

  • रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी का पीना पीने से बॉडी से टॉक्सिन पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं और बॉडी हेल्दी रहती हैं।
  • खाली पेट तुलसी का पीना पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, इसके नियमित सेवन से बीमार होने की संभावनाएं कम होती है।
  • शुगर के मरीज़ों के लिए तुलसी बेहद फायदेमंद है। इसका सुबह खाली पेट सेवन शुगर को कंट्रोल करता है।
  • तुलसी का पानी पाचन से जुड़ी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। सुबह खाली पेट तुलसी का पानी पीने से पाचन दुरुस्त रहता है। तुलसी का पानी कब्ज और लूज मोशन जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।
  • गले की सर्दी और ज़ुकाम में भी तुलसी का पानी बेहद असरदार है। गले की सर्दी होने पर तुलसी को पानी में उबालकर उसका सेवन करें आपको तुरंत राहत मिलेगी। बुखार में भी तुलसी के पानी का सेवन बेहद असरदार है।
  • तुलसी बदलते मौसम में वायरल इंफेक्शन से भी काफी हद तक बचाव करने में कारगर है।
  • तुलसी का पानी तनाव को भी कम करता है। तुलसी के पत्ते में मौजूद अडैप्टोजेन स्ट्रेस को कम करने में बेहद मददगार है।
  • ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता है तुलसी का पानी। तुलसी नर्वस सिस्टम को रिलैकेस करते हुए ब्लड फ्लो को सही करने में मदद करती है।
  • सांस की बदबू से छुटकारा पाने के लिए भी तुलसी का सेवन कर सकते हैं।
  • रोजाना तुलसी के पानी का सेवन करने से मुंह के बैक्टीरिया मरते हैं जिससे मुंह की बदबू से निजात मिलती है।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।