May 27, 2022 8:29 am

अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभा चुके हैं उत्तराखंड के नये राज्यपाल गुरमीत सिंह

देहरादून: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार शाम कई प्रदेशों में नए राज्यपालों की नियुक्ति कर दी। राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक बेबी रानी मौर्य के इस्तीफे के बाद लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) को उत्तराखंड का नया राज्यपाल बनाया गया है।

उत्तराखंड में अब तक रहे राज्यपाल

  • सुरजीत सिंह बरनाला-09 नवंबर 2000- 07 जनवरी 2003
  • सुदर्शन अग्रवाल-08 जनवरी 2003- 28 अक्तूबर 2007
  • बनवारी लाल जोशी-29 अक्तूबर 2007- 05 अगस्त 2009
  • मार्गरेट अल्वा-06 अगस्त 2009 – 14 मई 2012
  • अज़ीज़ कुरैशी-15 मई 2012    –  08 जनवरी 2015
  • कृष्ण कांत पॉल-08 जनवरी 2015- 25 अगस्त 2018
  • बेबी रानी मौर्य-26 अगस्त 2018- 08 सितंबर 2021

चीन और पाकिस्तान से जुड़े विषयों के माहिर हैं नवनियुक्त राज्यपाल

उत्तराखंड के नव नियुक्त राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि) चीन और पाकिस्तान से जुड़े विषयों के माहिर माने जाते हैं। अपने चार दशक की शानदार सैन्य सेवा में उन्होंने उपलब्धियों के कई शिखर छुए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) को परम विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल जैसे महत्वपूर्ण फौजी सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।

सैन्य स्कूल कपूरथला से अपनी शिक्षा की शुरुआत करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि)ने फौजी अफसर के रूप में अपना प्रशिक्षण डिफेंस अकादमी पुणे से हासिल किया।

उच्च शिक्षा में बेहद रुचि है। उन्हें सैन्य विषयों में दो बार एमफिल की डिग्री मिल चुकी है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से वह शोध के विद्यार्थी रह चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई

लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभियानों में अहम भूमिका निभाई है। सीमा से जुड़े मसलों और सैन्य विषयों पर वार्तालाप के लिए सात बार से ज्यादा वह चीन के दौरे कर चुके हैं। इसी सिलसिले में वह दो बार पाकिस्तान का भी दौरा कर चुके हैं। वह ईरान में संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के प्रेक्षक भी रह चुके हैं। ईरान-ईराक सीमा पर उनका काम शानदार रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) कार्यवाहक जैसे एनजीओ में अहम रोल निभाते रहे हैं । यह संगठन ऐसे विशिष्ट लोगों से संबंधित है जो अपनी आय का 10 फीसदी समाज सेवा में देते हैं।